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    गजब लापरवाही! सरकारी आदेश में विपक्ष जैसी भाषा का इस्तेमाल, देवास SDM व रीडर निलंबित, संभागायुक्त ने की कार्रवाई

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 12:51 AM (IST)

    इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले देवास एसडीएम ने एक विवादित आदेश जारी किया। इस आद ...और पढ़ें

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    विवादित आदेश जारी करने वाले निलंबित एसडीएम आनंद मालवीय (सौजन्य- इंटरनेट)

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में दूषित पेयजल से मौतों और इस मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन का ऐलान किया। लेकिन इससे पहले कि प्रदर्शन होता, देवास जिले के अनुभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी एक आदेश ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी।

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी इस आदेश में प्रयुक्त शब्दावली सरकारी मर्यादाओं से इतर और सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्षी आरोपों जैसी थी। आदेश की प्रति जैसे ही कलेक्टर और संभाग आयुक्त तक पहुंची, उच्च प्रशासनिक स्तर पर खलबली मच गई। मामला शासन तक पहुंचने से पहले ही संभाग आयुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम को निलंबित कर दिया।

    आदेश में यह लिखा

    दरअसल, देवास के एसडीएम आनंद मालवीय ने कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारियों की ड्यूटी लगाई थी। इसके लिए एसडीएम ने अपने हस्ताक्षर से जो आदेश जारी किया,

    उसमें लिखा गया- ''इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए मलमूत्र युक्त गंदा पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई। 2800 व्यक्ति भर्ती हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकार के प्रश्न के जवाब में अशोभनीय टिप्पणी घंटा का उपयोग करना अमानवीय और निरंकुशता की निशानी है। इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार निर्णय लिया है कि इस अमानवीय व्यवहार के विरोध में भाजपा के सांसद व विधायकों के निवास के सामने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।''

    संभागायुक्त ने लिया एक्शन

    यह आदेश इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने एसडीएम आनंद मालवीय के साथ उनके रीडर अमित चौहान को भी निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान आनंद मालवीय का मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, उज्जैन संभाग रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं अमित चौहान का मुख्यालय तहसील कार्यालय सोनकच्छ रहेगा।

    इस संदर्भ में देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि एसडीएम ने आदेश की भाषा और सामग्री का समुचित परीक्षण किए बिना ही उस पर हस्ताक्षर कर दिए, जो कि गंभीर लापरवाही है।