बेंगलुरु में अवैध रॉक ब्लास्टिंग से चार तेंदुओं की गई जान, जांच के आदेश
बेंगलुरु के बसवनतारा वन क्षेत्र में एक मादा तेंदुए और उसके अजन्मे शावकों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में अवैध रॉक ब्लास्टिंग को इसका कारण माना जा रहा ...और पढ़ें
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बेंगलुरु में मादा तेंदुए की मौत (फाइल फोटो)
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।बेंगलुरु के पास बसवनतारा वन क्षेत्र में गुरुवार, 1 जनवरी को एक मादा तेंदुए और उसके अजन्मे शावकों की मौत हो गई। कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआत में यह मामला अवैध रॉक ब्लास्टिंग का सामने आ रहा है।
राज्य के वन मंत्री का यह निर्देश बेंगलुरु शहर मंडल के अंतर्गत कग्गलीपुरा रेंज के वन कर्मचारियों द्वारा नियमित गश्त के दौरान एक तेंदुए का शव मिलने के बाद आया है।
मादा तेंदुए की तीन बच्चों समेत मौत
वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने एक नोट में कहा, '27 दिसंबर, 2025 को कग्गलीपुरा रेंज के बसवनतारा वन क्षेत्र में गश्त के दौरान सर्वेक्षण संख्या 51 में एक तेंदुए का शव मिला। प्रारंभिक आकलन से पता चला है कि 3-4 वर्ष की मादा तेंदुए की मृत्यु दो-तीन दिन पहले हुई थी। पोस्टमार्टम में उसके गर्भ में तीन शावक भी पाए गए।'
वन मंत्री ने आगे बताया कि 'ऐसा अनुमान लगाया गया है कि पास में ही खदान से बड़े पत्थरों के विस्फोट के कारण तेंदुए की मौत हुई है और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।' खंड्रे ने आगे कहा कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वन मंत्री ने दिए जांच के आदेश
यशवंतपुर विधायक एस टी सोमशेखर ने मादा तेंदुए की मौत हो जाने पर कई तरह के आरोप लगाए थे। वन मंत्री ने इन आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि यह पता लगाने के लिए व्यापक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं कि क्या वन क्षेत्र के भीतर खनन गतिविधि हो रही है या नहीं।
इसके साथ ही वन्यजीवों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी। (समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के साथ)
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