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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ED ने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत और उनकी बहू को किया तलब, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 29 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया

By Agency Edited By: Mohd Faisal
Published: Sat, 24 Feb 2024 08:20 AM (IST)Updated: Sat, 24 Feb 2024 08:38 AM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति को 29 फरवरी को पूछताछ के लिए ...और पढ़ें

ED ने हरक सिंह रावत और बहू अनुकृति को किया तलब (फाइल फोटो)
ED ने हरक सिंह रावत और बहू अनुकृति को किया तलब (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हरक सिंह रावत और उनकी बहु की बढ़ी मुश्किलें
  2. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने हरक सिंह रावत और अनुकृति को किया तलब

पीटीआई, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कॉर्बेट नेशनल पार्क के पाखरो रेंज घोटाला मामले में पूर्व वन मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत को तलब किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति को तलब किया है।

29 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति को 29 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया है। बता दें कि केंद्रीय एजेंसी ने 7 फरवरी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर हरक सिंह रावत और अन्य लोगों के परिसरों पर छापेमारी की थी।

नकदी और दस्तावेज किए जब्त

एजेंसी ने छापेमारी के दौरान लगभग 1.20 करोड़ रुपये और विदेशी मुद्रा, सोना और बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए थे। हालांकि, ED ने इसके संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी थी। ईडी ने पूर्व डीएफओ किशन चंद और पूर्व वन रेंज अधिकारी बृज बिहारी शर्मा के ठिकानों पर रेड की थी।

साल 2022 में छोड़ दी थी भाजपा

बता दें कि हरक सिंह रावत पूर्व वन मंत्री हैं। उन्होंने साल 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ दी थी और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। ईडी ने कहा कि इस घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ जांच राज्य में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।

6,000 से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई का है आरोप

केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि कंडारी और नरेंद्र कुमार वालिया नाम के व्यक्ति ने हरक सिंह रावत के साथ मिलकर एक साजिश रची और एक भूखंड की दो पावर ऑफ अटॉर्नी का पंजीकरण कराया, जिसके लिए एक अदालत ने बैनामा रद्द कर दिया था। ईडी ने कहा कि उन पर 6,000 से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई करने का भी आरोप है, जबकि केवल 163 पेड़ काटने की ही अनुमति थी।

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