वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रंप कर रहे मुंहजोरी, भारत पर और टैरिफ लगाने की दे रहे धमकी
ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के बाद भारत सहित कई देशों को धमकी दी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के दबाव में भारत ने रूस से तेल खरीद कम की है, लेकिन ...और पढ़ें
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अमेरिका की तरफ से अभी भारत पर 50 फीसद का कुल टैरिफ लगाया गया है।
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। वेनेजुएला पर दिन दहाड़े हमला करने और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर सोमवार को कुछ अलग ही स्तर पर था। उन्होंने एक साथ क्यूबा, ईरान, मेक्सिको, कोलंबिया, ग्रीनलैंड के साथ भारत को भी सीधे तौर पर धमकी दे दी है।
ट्रंप ने एक तरफ दावा किया है कि अमेरिका के दबाव में भारत में रूस से तेल की खरीद कम कर दी है तो दूसरी तरफ उन्होंने भारत पर और ज्यादा शुल्क लगाने की भी धमकी दे दी है। इसके लिए कांग्रेस में नया विधेयक भी लाने की बात कही है।
भारत को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है वह दोनों देशों के बीच बढ़ रहे कूटनीतिक तनाव को भी बता रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी समझौते को लेकर चल रही वार्ता भी किसी खास नतीजे की तरफ नहीं बढ़ रही है।
अभी भारत पर 50 फीसद का कुल टैरिफ
अमेरिका की तरफ से अभी भारत पर 50 फीसद का कुल टैरिफ लगाया गया है। इसमें 25 फीसद टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर लगाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप के नये तेवर से साफ है कि अमेरिकी प्रशासन इससे भी खुश नहीं है।
रविवार को देर शाम अपने कुछ अधिकारियों और अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम के साथ पत्रकारों के साथ बातचीत में पहले ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी टैरिफ लगाने की वजह से भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है लेकिन इसके साथ ही यह भी जोड़ दिया कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीद पर अमेरिका की मदद नहीं की तो उस पर और ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा।
ट्रंप ने कहा, "उन्होंने (भारत) मुझे खुश करने की कोशिश की है (रूस से कम तेल खरीद कर)। पीएम मोदी एक अच्छे व्यक्ति हैं। वह जानते हैं कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना जरूरी है। अगर वह कारोबार करते हैं (रूस के साथ) तो हम जल्द ही शुल्क बढ़ा सकते हैं।"
नया विधेयक आने वाला है?
ट्रंप जब यह बात कर रहे थे तब ग्राहम भी उनके साथ मीडिया को यह जानकारी दे रहे थे कि कैसे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए वह रूस से कारोबार करने वाले देशों पर और ज्यादा शुल्क लगाने को लेकर एक नया विधेयक लाने वाले हैं।
ग्राहम ने दावा किया कि, "हाल ही में अमेरिका में भारत के राजदूत (विनय क्वात्रा) से मुलाकात की और इस दौरान भारतीय राजदूत ने उन्हें बताया कि रूस से तेल की खरीद काफी कम कर दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ जो किया उसकी वजह से ही उसने तेल खरीदना कम किया है।"
अमेरिका का यह नया तेवर तब आया है जब दोनों देशों के बीच कारोबारी समझौते को लेकर चल रही वार्ता फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिखाई जा रही है। फरवरी, 2025 में जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात हुई थी तब अक्टूबर-नवंबर, 2025 तक एक कारोबारी समझौता करने का लक्ष्य रखा गया था। इसको लेकर कई दौर की वार्ताएं हुई और कई बार ऐसा लगा कि कुछ ही दिनों में घोषणा हो जाएगी। लेकिन अभी स्थिति यह है कि दोनों देशों के बीच कोई संपर्क नहीं है। सरकारी अधिकारी बताते हैं कि मार्च, 2026 तक समझौता हो जाएगा।

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