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उमर खालिद-शरजील को नहीं मिली जमानत, एक साल के लिए अपील पर भी रोक

Published: Mon, 05 Jan 2026 11:15 AM (IST)Updated: Mon, 05 Jan 2026 11:36 AM (IST)

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली दंगों से जुड़े मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। सर्वोच्च न्यायालय ने शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही 5 आरोपियों को जमानत दे गई है।

दिल्ली दंगों के सात आरोपी गुलफिशा फातिमा, शरजील इमाम, मीरान हैदर, उमर खालिद, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद शकील खान और शादाब अहमद ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत की मांग की थी।

कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अगले 1 साल तक उमर खालिद और शरजील इमाम के लिए जमानत याचिका दायर करने पर भी रोक लगा दी है।

5 को मिली सशर्त जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के पांच आरोपियों को शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 12 शर्तें रखी हैं। इसी के साथ गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद शकील खान और शादाब अहमद की जमानत को मंजूरी मिल गई है।

UAPA के तहत दर्ज है मामला

2020 में दिल्ली में दंगा भड़काने से जुड़े मामले में सभी को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट पहले भी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। सर्वोच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर 2025 को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।

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पहले भी खारिज हुई जमानत

आरोपियों का कहना है कि वो पिछले 5 साल से सलाखों के पीछे कैद हैं। वहीं, दिल्ली में दंगा भड़काने को लेकर उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। इससे पहले 2 सितंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

दिल्ली दंगा 2020

सभी आरोपियों पर 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का विरोध प्रदर्शन करते समय सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जिसके कारण दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे। दिल्ली दंगों में 15 हिंदू समेत 53 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 700 से अधिक लोग घायल थे।

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