यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cyclone Biparjoy: खतरनाक होता जा रहा अरब सागर का चक्रवात, महाराष्ट्र और गोवा में भी दिखने लगा असर
भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) का अनुमान है कि इस चक्रवात की हवा 125 से 150 किलोमीटर की गति से गुजरात ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अरब सागर का चक्रवात बिपरजोय बेहद खतरनाक होता जा रहा है। यह पाकिस्तान के कराची एवं अपने देश के गुजरात के तटीय जिलों में तबाही मचा सकती है। सबसे ज्यादा असर पोरबंदर, द्वारका, जूनागढ़, रामनगर एवं कच्छ समेत कई जिलों पर पड़ेगा। तटीय हिस्सों में तूफान का असर दिखने लगा है।
समुद्र की लहरें 12 से 17 फीट तक मारने लगी उछाल
सौराष्ट्र के कई क्षेत्रों में तेज हवाएं शुरू हो गई हैं। समुद्र की लहरें 12 से 17 फीट तक उछाल मारने लगी हैं। गुजरात के साथ महाराष्ट्र एवं गोवा में भी चक्रवात का असर दिखने लगा है। मुंबई के पास भी समुद्र में लहरें उठती हुई देखी गई हैं।
स्थलीय क्षेत्रों में तेज हवा और भारी वर्षा की आशंका
भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) का अनुमान है कि इस चक्रवात की हवा 125 से 150 किलोमीटर की गति से गुजरात के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के आसपास के क्षेत्र से 15 जून को टकराएंगी। तटीय इलाकों के साथ-साथ स्थलीय क्षेत्रों में भी हवा तेज चलेगी। वर्षा भी भारी होगी। खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने रविवार को अधिकारियों के साथ स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
केंद्र सरकार ने दिया निर्देश
केंद्र सरकार ने प्रभावित होने वाले सभी राज्यों को बचाव कार्य की अग्रिम तैयारियां कर लेने का निर्देश दिया है। आइएमडी के अनुसार चक्रवात अपने स्थान से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका असर 14 जून से दिखना शुरू हो जाएगा और अगले 24 घंटे के दौरान तक डेढ़ सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। खतरे को देखते हुए गुजरात के समुद्र तटीय जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
बंदरगाहों पर खतरे का सिग्नल किया गया जारी
बंदरगाहों पर मंगलवार-बुधवार से ही खतरे का सिग्नल जारी किया गया है। अभी यह चक्रवात पोरबंदर से 450, द्वारका से 490 और नलिया से 570 किलोमीटर दूर है। धीरे-धीरे यह तट की ओर समीप आ रहा है। 15 जून तक इसे समुद्र तट पर टकराने का अनुमान है।
