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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा- राज्य में ध्वस्त हो चुकी है कानून व्यवस्था

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Mon, 29 May 2023 09:36 AM (IST)Updated: Mon, 29 May 2023 09:41 AM (IST)

कांग्रेस ने मणिपुर में हुई हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। पार्टी सांसद जयराम रमेश ने कहा ...और पढ़ें

Manipur Violence को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
Manipur Violence को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर बोला हमला

नई दिल्ली, एएनआई। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मणिपुर में हुई हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मणिपुर में हुई हिंसा के संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शांति की एक भी अपील जारी नहीं करने पर उनकी आलोचना की जाएगी।

मणिपुर में ध्वस्त हो चुकी है कानून व्यवस्था: जयराम रमेश

अपने निजी ट्विटर हैंडल पर जयराम रमेश ने मणिपुर में तीन सप्ताह पहले हुई हिंसा के बाद से भाजपा पर राज्य में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट किया,

मणिपुर के जलने के 25 दिन बाद, केंद्रीय गृह मंत्री की इंफाल की बहुप्रतीक्षित यात्रा की पूर्व संध्या पर हालात बद से बदतर हो गए हैं। अनुच्छेद 355 लागू होने के बावजूद राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासन पूरी तरह चरमरा गया है।

यह एक भयावह त्रासदी सामने आ रही है, जबकि प्रधानमंत्री अपने आत्म-राज्याभिषेक के बारे में पागल हैं। उनके द्वारा शांति की एक भी अपील जारी नहीं की गई और न ही समुदायों के बीच विश्वास के पुनर्निर्माण के लिए कोई वास्तविक प्रयास किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार की सुबह माननीय राष्ट्रपति से भेंट करेगा।

हिंसक घटनाओं में 40 से अधिक आतंकियों की मौत

अधिकारियों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को राज्य का दौरा करेंगे। वहीं, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को कहा कि हिंसक घटनाओं और नागरिकों पर हमलों की जांच करने और राज्य में 'शांति' बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा अब तक 40 से अधिक 'आतंकवादी' मारे गए हैं। उन्होंने कहा,

हमने कड़ी कार्रवाई की है। अब तक हमारे पास रिपोर्ट है कि करीब 40 आतंकवादी मारे गए हैं।

मणिपुर में कैसे भड़की हिंसा?

राज्य के कई हिस्सों में ताजा हिंसा तब भड़क उठी, जब कथित तौर पर परिष्कृत हथियारों से लैस कुकी उग्रवादियों ने सेरोउ और सुगनु इलाके में कई घरों में आग लगा दी। तीन मई को पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद मणिपुर में लगभग 75 लोगों की जान लेने वाली जातीय झड़पें हुईं, जो मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में आयोजित की गई थीं।