मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के बीकेसी मैदान में शिवसेना के अपने गुट की रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे को संबोधित करते हुए कहा कि आपने बालासाहब विचारों को छोड़कर वैचारिक व्यभिचार किया है। गद्दारी हमने नहीं, आपने की है। जिस तरह उद्धव ठाकरे शिवाजी पार्क में अपने समर्थकों के सामने मंच पर माथा टेककर प्रणाम किया, उसी तरह बीकेसी मैदान में एकनाथ शिंदे ने भी मंच पर अपने समर्थकों के सामने माथा टेका और उद्धव ठाकरे द्वारा खुद पर लगाए जा रहे आरोपों का जमकर जवाब दिया।

बालासाहब रिमोट से चलाते थे सरकार

उन्होंने कहा कि बालासाहब रिमोट से सरकार चलाते थे, आपने तो अपनी ही सरकार का रिमोट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हाथ में दे दिया। शिंदे ने कहा कि बालासाहब के विचारों को तिलाजलि देनेवालों को शिवाजी पार्क में बोलने का नैतिक अधिकार ही नहीं है। उन्हें शिवाजी पार्क में ही स्थित बालासाहब ठाकरे की समाधि पर माथा टेककर उनके विचारों से गद्दारी करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। शिंदे ने कहा कि हमने जो किया, वह बालासाहब ठाकरे के विचारों एवं शिवसेना को बचाने के लिए खुलेआम किया। यह गद्दारी नहीं, गदर है। 1857 जैसी क्रांति है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालासाहब के सपनों को किया साकार

अपने मंच पर बालासाहब ठाकरे की कुर्सी एवं उनकी तस्वीर पर पुष्पार्पण करने वाले शिंदे ने उद्धव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने बालासाहब ठाकरे के सपनों के अनुसार कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने का काम किया, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया, उन्हें आप अफजल खान कहकर उनकी खिल्ली उड़ाते हैं। जबकि आपने खुद बालासाहब के विचारों को सत्ता और कुर्सी के लालच में छोड़ दिया।

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कटप्पा का भी ईमान था, आप तो दोगली राजनीति करते हैं- शिंदे

उन्होंने आगे कहा कि जिस याकूब मेमन ने मुंबई में विस्फोट करवाकर सैकड़ों लोगों की जान ली। उसकी फांसी की सजा के विरोध में अपील करने वाले विधायक को आपने अपनी सरकार में मंत्री बना दिया। इसलिए गद्दार तो मैं नहीं तुम हो। शिंदे ने दोहराया कि 2019 में शिवसेना के मतदाताओं ने मतदान शिवसेना-भाजपा गठबंधन के लिए किया था। लेकिन चुनाव परिणाम आते ही आपने गठबंधन का साथ छोड़कर महाविकास आघाड़ी बना ली। उद्धव ने अपने भाषण में शिंदे को कटप्पा बताया था। इसका जवाब देते हुए शिंदे ने कहा कि कटप्पा का भी ईमान था, आप तो दोगली राजनीति करते हैं।

एक मंच पर दिखे ठाकरे परिवार के कई सदस्य

बता दें कि आज एकनाथ शिंदे के मंच पर ठाकरे परिवार के कई सदस्य नजर आए। बालासाहब ठाकरे के समय भी कभी उनके मंच पर न आनेवाले उनके दूसरे पुत्र एवं उद्धव के मंझले बड़े भाई जयदेव ठाकरे भी आज एकनाथ शिंदे के मंच पर आए। उन्होंने कहा कि ठाकरे को कोई बांधकर नहीं ला सकता। मैंने शिंदे के कुछ काम देखे हैं। इसलिए उनके प्रेमवश यहां आ गया हूं।

स्मिता ठाकरे ने भी किया मंच साझा

जयदेव का उनकी पत्नी स्मिता से अलगाव हो चुका है। लेकिन शिंदे के मंच पर जयदेव के जाने के बाद आज स्मिता ठाकरे भी पहुंचीं। उद्धव के बड़े भाई बिंदुमाधव ठाकरे के पुत्र निहार ठाकरे तो पहले ही शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। आज भी वह अपनी चाची स्मिता ठाकरे के साथ शिंदे के मंच पर बैठे दिखाई दिए।

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Edited By: Sonu Gupta

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