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    Bombay High Court: घटिया आयोडीन युक्त नमक मामले में टाटा केमिकल्स को राहत, कोर्ट ने रद्द किया जुर्माना

    टाटा केमिकल्स लिमिटेड और अन्य कंपनियों को घटिया आयोडीन युक्त नमक बनाने व बिक्री करने के मामले में राहत मिली है। बांबे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने 2016 में महाराष्ट्र के बुलढाणा में खाद्य सुरक्षा अपीलीय न्यायाधिकरण के उस आदेश को रद कर दिया जिसमें इन कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया था। इन पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    By Agency Edited By: Sonu Gupta Updated: Tue, 14 May 2024 06:47 PM (IST)
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    घटिया आयोडीन युक्त नमक मामले में टाटा केमिकल्स को राहत।

    पीटीआई, नागपुर। टाटा केमिकल्स लिमिटेड और अन्य कंपनियों को घटिया आयोडीन युक्त नमक बनाने व बिक्री करने के मामले में राहत मिली है। बांबे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने 2016 में महाराष्ट्र के बुलढाणा में खाद्य सुरक्षा अपीलीय न्यायाधिकरण के उस आदेश को रद कर दिया, जिसमें इन कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया था। इन पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

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    FSSAI को सर्कुलर जारी करने का निर्देश

    जस्टिस अनिल एल पानसरे ने अपने आदेश में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को भविष्य में ऐसे मामलों में प्रक्रियात्मक अनुपालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उचित सलाह या सर्कुलर जारी करने का भी निर्देश दिया। टाटा केमिकल्स लिमिटेड और अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य से जुड़े मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 71(6) के तहत 13 अक्टूबर, 2016 के आदेश के खिलाफ अपील की गई थी। यह अपील टाटा केमिकल्स लिमिटेड और अन्य ने की थी।

    कोर्ट ने अपने फैसले में खामियों को किया रेखांकित

    कोर्ट ने अपने फैसले में कई गंभीर विसंगतियों और प्रक्रियात्मक खामियों को रेखांकित किया। इसमें पाया गया कि खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट जिसमें उत्पाद को गलत ब्रांड बताया गया, उसका अपीलकर्ताओं ने विरोध किया। इसके बाद मामले को आगे के विश्लेषण के लिए रेफरल फूड लेबोरेटरी (आरएफएल) को भेजा गया।

    आदेश में कहा गया है कि आरएफएल की रिपोर्ट यह निष्कर्ष निकाला गया कि उत्पाद घटिया है लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट से इसके लिए पर्याप्त तर्क प्रदान नहीं किए गए। पारदर्शिता की इस कमी से आरएफएल के निष्कर्षों की वैधता और प्रक्रिया की समग्र अखंडता पर सवाल उठते हैं।

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