नई दिल्ली। जम्मू–कश्मीर में सरकार गठन के महज कुछ दिन में ही भाजपा और उसके गठबंधन दल पीडीपी में ‘वैचारिक मतभेद’ उजागर हो गए हैं। संसद पर हमले के जुर्म में फांसी पर चढ़ाए गए अफजल गुरु के पीडीपी विधायकों द्वारा अवशेषों की मांग करने और मुफ्ती मोहम्मद सईद के राज्य में शांतिपूर्वक चुनाव का श्रेय पाकिस्तान और अलगाववादियों को दिए जाने के मुद्दे पर आज विपक्ष ने संसद में जमकर हंगामा मचाया। नतीजतन, इन विवादास्पद मसलों पर भाजपा ने सहयोगी दल से किनारा कर लिया है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद भवन में कहा कि पार्टी पीडीपी की इस मांग का कतई समर्थन नहीं करती और उसके इस बयान से खुद को अलग करती है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे इस मुद्दे पर जो कहना था, वह संसद के भीतर बयान देकर कह चुका हूं। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पीडीपी विधायकों ने अफजल गुरु के अवशेष देने की मांग की थी, जिसके बाद आज गृह मंत्रालय ने अवशेष देने से साफ इनकार कर दिया है।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान पर संसद में विपक्ष के हंगामे की वजह से लोकसभा को दो बार स्थगित करना पड़ा। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में स्पष्ट कहा कि सरकार इस बयान से सहमत नहीं हैं, जबकि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से इस मसले पर बयान देने की मांग की।

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Edited By: Jagran News Network

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