यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bengal Panchayat Polls: 'चुनाव आयोग ने हमें संवेदनशील बूथों की कोई जानकारी नहीं दी', BSF के DIG का बड़ा खुलासा
Bengal Panchayat Polls बीएसएफ के डीआइजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ ने राज्य चुनाव आयोग को कई पत्र लिखकर ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआई। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने रविवार को कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर बीएसएफ के बार-बार अनुरोध के बावजूद राज्य चुनाव आयोग ने ऐसे बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को कोई जानकारी नहीं दी।
राज्य चुनाव आयोग ने नहीं दी संवेदनशील बूथों की जानकारी
बीएसएफ के डीआइजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ ने राज्य चुनाव आयोग को कई पत्र लिखकर संवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी मांगी थी, लेकिन सात जून को छोड़कर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्हें केवल ऐसे बूथों की संख्या के बारे में बताया गया, लेकिन उनके स्थान या किसी अन्य जानकारी के बारे में कुछ नहीं बताया गया।
स्थानीय प्रशासन के आदेश पर की गई बीएसएफ की तैनाती
गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ की तैनाती स्थानीय प्रशासन के आदेश पर की गई थी। उन्होंने कहा,
चुनाव ड्यूटी के लिए 25 राज्यों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और राज्य सशस्त्र पुलिस की 59,000 टुकड़ियां पहुंची थीं, लेकिन संवेदनशील मतदान केंद्रों पर उनका पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया। राज्य ने केवल 4834 संवेदनशील बूथ घोषित किए थे, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात थी, लेकिन वास्तव में इससे कहीं अधिक संवेदनशील मतदान केंद्र थे।
पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में 13 लोगों की मौत
आठ जुलाई यानी शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान राज्य भर में हुई हिंसा में 13 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। मुर्शिदाबाद, कूच बिहार, मालदा, दक्षिण 24 परगना, उत्तरी दिनाजपुर और नादिया जैसे कई जिलों से बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियों को नुकसान पहुंचाने और पीठासीन अधिकारियों पर हमले की खबरें आईं।
संवेदनशील बूथों पर तैनात की गई सीएपीएफ
बीएसएफ ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल राज्य में 3317 ग्राम पंचायतों, 341 पंचायत समितियों और 20 जिला परिषदों के लिए चुनाव कराने के लिए कुल 61,636 मतदान केंद्र स्थापित किए थे। चुनावों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और अन्य राज्य पुलिस बलों के 59,000 कर्मियों को राज्य भर में मतदान केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई, जिसमें 4834 संवेदनशील बूथ भी शामिल हैं, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात थी।
CAPF को सौंपी गई स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी
शाम को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मतपेटियों को राज्य भर के 339 स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीएपीएफ को दी गई है।
