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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बंगाल पंचायत चुनाव: हिंसा के लिए TMC और विरोधी दलों ने एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार, भाजपा ने लगाए कई आरोप

By Jagran NewsEdited By: Sonu Gupta
Published: Sat, 08 Jul 2023 10:47 PM (GMT+05:30)

बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान हुई भारी हिंसा के लिए सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और ...और पढ़ें

पंचायत चुनाव में हिंसा के लिए TMC व विरोधी दलों ने एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार। फोटोः एएनआई।
पंचायत चुनाव में हिंसा के लिए TMC व विरोधी दलों ने एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार। फोटोः एएनआई।

HighLights

  1. जनाधार खोने के कारण ममता बनर्जी ले रहीं हिंसा का सहारा: धर्मेंद्र प्रधान
  2. अधीर रंजन चौधरी ने ममता को बताया 'हत्यारों की मुख्यमंत्री'
  3. बंगाल को बदनाम करने को हिंसा की मार्केटिंग कर रहे हैं विरोधी दल: कुणाल

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान हुई भारी हिंसा के लिए सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और विरोधी दलों भाजपा व कांग्रेस ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार जनाधार खो चुकी है इसलिए वह हिंसा का सहारा ले रही है।

बंगाल में युद्ध जैसी डरावनी स्थितिः भाजपा

वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए ममता बनर्जी व उनकी पार्टी किसी भी स्तर तक गिरने के लिए तैयार रहती है। बंगाल भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि बंगाल में युद्ध जैसी डरावनी स्थिति दर्शा रही है कि ममता बनर्जी के शासन में अराजकता की स्थिति क्या है।

हाई कोर्ट के आदेश का हुआ है उल्लंघनः सुकांत मजूमदार

बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता सरकार व राज्य चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों को गुमराह किया है। जिन मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों की जरूरत थी, उन्हें वहां नहीं भेजा गया। केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने जो निर्देश दिया था, उसका उल्लंघन हुआ है। भाजपा इसके खिलाफ अदालत जाएगी। चुनाव के नाम पर मजाक हुआ है।

बंगाल हिंसा पर सुवेंदु अधिकारी क्या बोले?

भाजपा विधायक व बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी के गुंडों व कांट्रैक्ट किलर और आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए रची गई साजिशों को अंजाम दिया है। बंगाल भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि अधिकांश बूथों पर पुलिस नहीं थी। कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं का अपहरण किया गया।

केंद्रीय बलों की तैनाती में हुआ घपलाः कांग्रेस

वहीं, बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को 'हत्यारों की मुख्यमंत्री' करार देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर जो आशंका थी, वह सच साबित हुई है। मतदान के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। प्रसाइडिंग आफिसर फर्जी वोट करा रहे थे। बंगाल में यह नौटंकी हर बार होती है। लूट के बाद अब दीदी (ममता बनर्जी) मैदान में आएगी और बड़ी-बड़ी बातें करेंगी। अधीर ने दावा किया कि बंगाल में भाजपा का तृणमूल के साथ गुप्त समझौता हुआ है। वह चुपचाप ममता के हाथ मजबूत कर रही है। केंद्रीय बलों की तैनाती में घपला हुआ है।

हिंसक घटनाओं में टीएमसी के अधिक लोग शिकारः शशि पांजा

दूसरी तरफ बंगाल की बाल एवं नारी कल्याण मंत्री व तृणमूल की वरिष्ठ नेत्री डा. शशि पांजा ने दावा किया कि कुछेक बूथों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर उत्सव के माहौल में मतदान हुआ है। राज्य के लोगों ने निर्विघ्न तृणमूल के पक्ष में मतदान किया है। हिंसा की घटनाओं के ज्यादातर तृणमूल के लोग शिकार हुए हैं।

विरोधी दल फैला रहे हिंसाः टीएमसी

वहीं, बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि विरोधी दल ही हिंसा फैला रहे हैं। तृणमूल के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि राज्य के 61 हजार बूथों में से सात-आठ पर ही अशांति की घटनाएं हुई हैं। कुछ जगहों पर तो जान-बूझकर हिंसा फैलाई गई।

विरोधी दल दरअसल हिंसा की मार्केटिंग कर रहे हैं ताकि बंगाल को बदनाम किया जा सके। कुणाल ने दावा किया कि नंदीग्राम में कुछ जगहों पर बूथों पर तैनात केंद्रीय बलों के जवान मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में मतदान करने को कह रहे थे।