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    शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष में लेकर गया फाल्कन 9 रॉकेट वापस लौटा, 8 मिनट में की धरती पर सुरक्षित लैंडिंग

    Updated: Wed, 25 Jun 2025 04:19 PM (IST)

    Falcon 9 Rocket Axiom-04 Mission: फाल्कन 9 रॉकेट, जिसमें शुभांशु शुक्ला सहित चार अंतरिक्ष यात्री सवार थे, सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में गया और 8 मिनट के भीतर सुरक्षित धरती पर लौट आया। स्पेसएक्स द्वारा निर्मित यह रॉकेट फ्लोरिडा से लॉन्च हुआ था। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हो गया है। फाल्कन 9 दुनिया का पहला ऑर्बिटल-क्लास रीयूजेबल रॉकेट है, जो अंतरिक्ष में स्पेसक्राफ्ट छोड़कर वापस आ जाता है।

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    Axiom-04 मिशन की लॉन्चिंग के दौरान फाल्कन 9 रॉकेट। फोटो- पीटीआई

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में लेकर गया फाल्कन 9 रॉकेट 8 मिनट के भीतर धरती पर सुरक्षित वापस आ गया है। स्पेस एक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को लेकर फाल्कन 9 रॉकेट (Falcon 9 Rocket) ने दोपहर 12 बजे के करीब अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी।

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    ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हो गया है। वहीं, फाल्कन 9 रॉकेट फ्लोरिडा वापस आ गया है। इसी के साथ Axiom-04 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है।

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    फाल्कन 9 रॉकेट

    बता दें कि फाल्कन 9 रॉकेट रीयूजेबल (reusable) है, जिसे एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स (SpaceX) ने बनाया है। यह दुनिया का पहला ऑर्बिटल क्लास रीयूजेबल रॉकेट है। यह रॉकेट स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में छोड़कर धरती पर वापस लौट आता है।

    फाल्कन 9 का इंजन

    फाल्कन 9 रॉकेट में 9 मर्लिन इंजन लगे हैं, जो पावर जनरेट करने के लिए केरोसिन और लिक्विड आक्सीजन का इस्तेमाल करता है। रॉकेट की तरह इसका इंजर भी रीयूजेबल है।

    कैसे काम करता है फाल्कन 9 रॉकेट?

    फाल्कन 9 रॉकेट 2 हिस्सों में बना है। इसका पहला हिस्सा रीयूजेबल है, जबकि दूसरे हिस्से को सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल किया जा सकता है। लॉन्चिंग के बाद रॉकेट एक ऊंचाई पर जाकर क्रू कैप्सूल (स्पेसक्राफ्ट, जिसमें अंतरिक्ष यात्री होते हैं) से अलग होता है और फिर यह धरती पर वापस लौट आता है।

     

    क्रू कैप्सूल कब पहुंचेगा स्पेस?

    फाल्कन 9 का क्रू कैप्सूल ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट था, जिसके 28 घंटों में ISS पहुंचने का अनुमान है। यह मिशन आज दोपहर 12 बजे लॉन्च किया गया है और यह कल यानी गुरुवार की शाम 4 बजे (अमेरिका के समयानुसार सुबह 7 बजे) तक ISS से डॉक करेगा।

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