यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राजस्थान में ड्रोन से कराई गई बारिश, 40 मिनट में 0.8 मिलीमीटर हुई बरसात; जगी उम्मीद
राजस्थान में ड्रोन और एआई की मदद से कृत्रिम वर्षा करने का प्रयास सफल रहा। जयपुर के रामगढ़ बांध इलाके ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में ड्रोन और एआई की मदद से कृत्रिम वर्षा करने का प्रयास आखिरकार सफल हुआ। जयपुर के रामगढ़ बांध इलाके में कृत्रिम वर्षा कराने की कोशिश लगातार की जा रही थी।
सबसे पहले 12 अगस्त, फिर 18 अगस्त को कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार को रामगढ़ बांध पर फिर क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन किया गया। इसके तहत हाइड्रोट्रेस (एआई संचालित प्लेटफॉर्म) व मेक इन इंडिया ड्रोन का उपयोग किया गया और क्लाउड सीडिंग कराई गई।
निजी कंपनी कर रही प्रयोग
ऑपरेशन सुबह 6.30 से 11.30 बजे तक चला, जिससे 40 मिनट में 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। बता दें कि प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की पहल पर निजी कंपनी जेनएक्स एआई पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह प्रयोग कर रही है।
क्लाउड सीडिंग में सिल्वर आयोडाइड, सोडियम क्लोराइड या ड्राई आइस जैसे रसायन ड्रोन, हेलिकॉप्टर या प्लेन से बादलों में छोड़े जाते हैं। ये रसायन पानी की सूक्ष्म बूंदों को आकर्षित कर उन्हें भारी बनाते हैं, जिससे वर्षा होती है। हालांकि, इसके लिए बादलों में पर्याप्त नमी का होना जरूरी है।
