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    तीन दिवसीय बंगाल दौरे में शाह ने तय की चुनावी रणनीति, भाजपा नेताओं को दिया लक्ष्य

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 09:49 PM (IST)

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति तय की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ घुसपै ...और पढ़ें

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    पश्चिम बंगाल में अमित शाह ने बनाई चुनावी रणनीति (X/BJP)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के तीन दिवसीय दौरे के दौरान सत्तारूढ़ तृणमल कांग्रेस के खिलाफ घुसपैठ और भ्रष्टाचार को मुख्य मुद्दा बनाते हुए राज्य भाजपा के नेताओं को ठोस कामकाज व लक्ष्य सौंपकर चुनावी रणनीति तय कर दी।

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    अपने व्यस्त प्रवास के दौरान शाह ने प्रदेश समिति के नेताओं, पार्टी के सांसदों-विधायकों व पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं अन्य के साथ कम से कम पांच सांगठनिक बैठकें की। इनमें स्थानीय आरएसएस नेताओं के साथ मंथन बैठक, कोलकाता और उसके उपनगरों के पार्टी कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करना तथा एक प्रेस वार्ता भी शामिल थी, जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की दिशा स्पष्ट की।

    शाह ने इस दौरे में पार्टी की प्रदेश इकाई को एकजुट व व्यवस्थित करने के प्रयास के साथ पार्टी नेताओं को स्पष्ट बता दिया कि बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता कहां से होकर गुजरता है और चुनाव में क्या लक्ष्य होगा, यह सबकुछ तय कर दिया। शाह ने अपने दौरे के दौरान पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बंगाल इकाई से संपर्क कर संयुक्त चुनावी रणनीति पर समन्वय किया।

    साथ ही शाह ने पिछले कई महीने से पार्टी में अलग-थलग चल रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को सांगठनिक बैठक में बुलाकर पार्टी के प्रचार अभियान के प्रमुख चेहरों में शामिल करते हुए फिर से आगे लेकर आए। जिससे घोष की फिर से पार्टी में अहमियत बढऩे का संकेत मिला।

    पार्टी में अंदरूनी कलह दूर करने का प्रयास

    राजनीतिक जानकार शाह के इस कदम को चुनाव से पहले पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह व मनमुटाव को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

    जानकारों का कहना है कि शाह ने पिछले कई माह से पार्टी की गतिविधियों से दूर रहे दिलीप घोष जैसे पुराने जमीनी व नए नेताओं को साथ बिठाकर पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश दिया। शाह ने साफ संदेश दिया कि अभी सभी मनमुटाव भुलाकर सभी नेता पार्टी की जीत के लिए जी जान से काम करें।

    शाह के निर्देश के बाद सक्रिय हुए दिलीप घोष

    शाह के साथ बैठक और एकजुट होकर काम करने के निर्देश मिलने के अलग ही दिन से दिलीप घोष पार्टी में फिर सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार को घोष ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य से मुलाकात की और दोनों के बीच काफी देर तक बैठक चली। घोष प्रदेश अध्यक्ष के साथ 13 जनवरी को दुर्गापुर में एक संयुक्त सभा को भी संबोधित करेंगे।

    घोष ने पत्रकारों को खुद इसकी जानकरी देते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें 13 की सभा में उपस्थित रहने को कहा है। इस बीच बुधवार को शाह के साथ बैठक में पूर्व सांसद घोष ने फिर से विधानसभा चुनाव लडऩे की भी इच्छा जताई। घोष ने पत्रकारों से कहा- मैं चुनाव लड़ना चाहता हूं। पार्टी जो निर्देश देगी वह मैं करूंगा।

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