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70 फीसद लोग चाहते हैं नरेंद्र मोदी दोबारा बनें देश के प्रधानमंत्री

केंद्र सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि लोगों में अब भी पहले की ही तरह बनी हुई है। साथ ही लोगों ने पीएम के पंचरत्‍नों को भी सराहा है।

By Kamal VermaEdited By: Published: Sat, 30 Apr 2016 08:59 PM (IST)Updated: Sun, 01 May 2016 08:30 AM (IST)

नई दिल्ली (जागरण ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के काम- काज को जनता ने एक बार फिर सराहा है। जनता की नजरों में नरेंद्र मोदी की वह छवि अभी भी कायम है, जो मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले थी। हालांकि, काले धन जैसे कुछ वादों पर अमल में देरी से लोगों में थोड़ी निराशा भी दिखी है, लेकिन ज्यादातर लोगों को मानना है कि दो साल के काम-काज के आधार पर यह धारणा बनाना ठीक नहीं है। पीएम मोदी के साथ उनके पंच रत्‌नों को भी लोगों ने पसंद किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक करीब 70 फीसद लोगों ने प्रधानामंत्री नरेंद्र मोदी को देश का दोबारा पीएम बनते हुए देखने की इच्छा व्यक्त की है।

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इनमें सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, सुरेश प्रभु, मनोहर पार्रीकर, अरुण जेटली शामिल है। इनमें सबसे बेहतर प्रदर्शन सुषमा स्वराज का है। पीएम मोदी और उनके मंत्रियों के दो साल के काम-काज को लेकर यह रिपोर्ट रिसर्च के क्षेत्र में काम करने वाली सीएमएस एजेंसी ने जारी की है। सीएमएस के मुताबिक यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों के काम-काज और पब्लिक जुड़ाव से जुड़े तमाम बिंदुओं को लेकर तैयार की गई है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के काम-काज को जिन बिंदुओं के आधार पर परखा गया है, उनमें उनका जनता से जुड़ाव और देश की छवि सबसे प्रमुख पहलू रहा है। दोनों ही क्षेत्रों में प्रधानमंत्री को जनता काफी सराहा है।

प्रधानमंत्री के मन की बात को देश के करीब 57 फीसदी लोगों ने पसंद किया है, इनमें वह दक्षिण भारतीय भी शामिल है, जो हिंदी नहीं जानते है। इसके अलावा प्रधानमंत्री के जिन विदेश दौरे पर विपक्ष सबसे ज्यादा हमले बोलता है, उसे देश के करीब 69 फीसदी लोगों ने सराहा है। साथ ही राय दी है, कि प्रधानमंत्री के इस दौरे से दुनिया में देश की छवि बेहतर हुई है। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की भी काफी तारीफ की है। सीएमएस रिपोर्ट के मुताबिक सबसे खराब प्रदर्शन खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवास का बताया गया है। जिन्हें रैंकिंग में माइनल 2.7 ग्रेड मिली है।

किस मंत्री की क्या रही फाइनल ग्रेड

मंत्री ग्रेड

सुषमा स्वराज 8.2 राजनाथ सिंह 6.4 सुरेश प्रभु 6.3 मनोहर पार्रीकर 5.7 अरूण जेटली 5.3 नितिन गड़गरी 4.3 वैकेया नायडू 1.4 स्मृति ईरानी 1.3 पीयूष गोयल 0.9 धर्मेंद्र प्रधान 0.8 रवि शंकर प्रसाद 0.8 मेनका गांधी 0.8 सदानंद गौडा 0.4 चौधरी विरेंद्र सिंह 0.4 थावरचंद गहलोत 0.3 प्रकाश जावडेकर 0.2 जेपी नड्डा 00 राधा मोहन सिंह -1.3 बंगारू दत्तातेय -1.4 राम विलास पासवान -2.7

मोदी के छह मंत्रियों को छोड़ जनता में बाकी छवि बेहद खराब

मोदी की छवि जनता के बीच अभी भले बुलंदियों पर है,लेकिन उनके छह मंत्रियों को छोड़ दें, तो ज्यादातर मंत्रियों को छवि जनता में बेहद खराब है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन छह मंत्रियों की छवि बेहतर है,उनमें 63.9 फीसदी लोगों ने सुषमा स्वराज को, 50 फीसदी लोगों ने राजनाथ सिंह को, 48 फीसदी लोगों ने सुरेश प्रभु को, 45.8 फीसदी लोगों ने मनोहर पार्रीकर को, 39.7 फीसदी लोगों ने अरुण जेटली और 32 फीसदी लोगों ने नितिन गडगरी के पक्ष में अच्छी राय दी है। रिपोर्ट में इसके बाद तो किसी भी मंत्री को जनता ने दो अंकों में समर्थन ही नहीं दिया। मंत्रालयों में सबसे अच्छी छवि रेलवे की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक जनता ने जिन मंत्रालयों के काम-काज को सबसे ज्यादा सराहा है,उनमें रेल मंत्रालय पहले नंबर है। इसके बाद वित्त, अप्रवासी मंत्रालय, गृह मंत्रालय व सड़क परिवहन है।

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