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    भारत में डिजिटल प्लेफॉर्म आने के बीच 3 सालों में इतने टीवी चैनलों ने छोड़े लाइसेंस, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 10:37 PM (IST)

    भारत के टेलीविजन ब्रॉडकास्ट सेक्टर में पिछले तीन सालों में 50 चैनलों ने अपने लाइसेंस सरेंडर किए हैं। दर्शकों की बदलती आदतों, डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़त ...और पढ़ें

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    तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत का टेलीविजन ब्रॉडकास्ट सेक्टर तेजी से बदल रहा है, पिछले तीन सालों में दर्शकों की बदलती आदतों, डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल और विज्ञापन से होने वाली कमाई पर दबाव के चलते कथित तौर पर 50 चैनलों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं।

    इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के डेटा का हवाला देते हुए बताया गया कि जिन कंपनियों ने टीवी ब्रॉडकास्ट लाइसेंस सरेंडर किए हैं उनमें जियोस्टार, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज, ईनाडु टेलीविजन, टीवी टुडे नेटवर्क, एनडीटीवी और एबीपी नेटवर्क शामिल हैं। इसके अलावा, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के तौर पर काम करने वाली कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट ने चैनलों के उसी सेट को अपलिंक और डाउनलिंक करने के लिए मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद 26 डाउनलिंकिंग परमिशन सरेंडर कर दीं।

    क्यों किए गए लाइसेंस सरेंडर?

    भारत का पे-टीवी इकोसिस्टम लगातार दबाव में है, क्योंकि अमीर परिवार तेजी से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की ओर जा रहे हैं, जबकि कीमत को लेकर संवेदनशील परिवार DD Free Dish पर जा रहे हैं। क्रिसिल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पेड डीटीएच सब्सक्राइबर बेस वित्तीय वर्ष 19 में 72 मिलियन से घटकर वित्तीय 24 में 62 मिलियन हो गया है और इसके और गिरने का अनुमान है।

    इंडस्ट्री के अधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस सरेंडर करने के पीछे कई कारण हैं। विज्ञापन के कमजोर ट्रेंड्स ने स्थिति को और खराब कर दिया है। WPP ने अनुमान लगाया है कि 2025 में टेलीविजन विज्ञापन रेवेन्यू में 1.5% की गिरावट आएगी और यह 477.4 बिलियन रुपये हो जाएगा, जबकि कुल विज्ञापन बाजार 2025 में 1.8 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो सालाना 9.2% की दर से बढ़ेगा और 2026 में बढ़कर 2 ट्रिलियन रुपये हो जाएगा।

    Enter10 Media ने भी लाइसेंस किए सरेंडर

    ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, Enter10 Media ने भी एक स्ट्रेटेजिक रिव्यू के बाद कुछ लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। ब्रॉडकास्टर ने कहा कि उसने बिजनेस के लक्ष्यों और रिसोर्स-प्लानिंग की दिक्कतों के कारण और चैनल लॉन्च करने की योजना को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। इस रिव्यू के तहत Enter10 ने अपने दंगल HD और दंगल उड़िया लाइसेंस छोड़ दिए।

    उद्योग निकाय ने कहा कि यह मंदी मीडिया और टेक्नोलॉजी के मेल, साथ ही दर्शकों की बदलती पसंद और उपभोग के व्यवहार से होने वाले गहरे स्ट्रक्चरल बदलावों को दिखाती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने रेगुलेटरी चुनौतियों को भी ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में तनाव बढ़ाने वाले एक मुख्य कारण के तौर पर बताया है।

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