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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Afzal Khan News: कौन था अफजल खान, किसने उतारा मौत के घाट; क्यों है कब्र पर विवाद

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Thu, 10 Nov 2022 08:15 PM (IST)

Afzal Khan News अफजल खान की कब्र को लेकर विवाद तब सामने आया जब साल 2000 में कुछ मुस्लिमों ने ...और पढ़ें

कौन था अफजल खान, किसने उतारा मौत के घाट; क्यों है कब्र पर विवाद । फाइल फोटो
कौन था अफजल खान, किसने उतारा मौत के घाट; क्यों है कब्र पर विवाद । फाइल फोटो

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Afzal Khan News: अफजल खान (Afzal Khan) बीजापुर में आदिल शाही हुकूमत का सैनिक था। आदिल शाह कम उम्र में सुल्तान बन गया था। इस कारण उसकी सौतेली मां बेगम साहिबा राजकाल संभालती थी। आदिल की मां शिवाजी की बढ़ती ताकत से परेशान थी। इसलिए शिवाजी को खत्म करने की जिम्मेदारी अफजल को सौंपी गई थी।

अफजल को शिवाजी ने उतारा था मौत के घाट

अफजल खान को महाराष्ट्र के सतारा जिले में प्रतापगढ़ किले के पास मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने मौत के घाट उतार दिया था। अफजल खान की याद में वहां मकबरा बनाया गया था।

क्यों है अफजल की कब्र पर विवाद

अफजल खान की कब्र को लेकर विवाद तब सामने आया, जब साल 2000 में कुछ मुस्लिमों ने इस कब्र पर दावा करते हुए वहां पर शेल्टर बनाने का फैसला किया। बीते 20 से 22 साल में यहां कब्र पर चारों तरफ से आर्केड के साथ एक स्थायी संरचना खड़ी कर दी गई। अफजल खान की कब्र पर एसबेस्टस की पतली शीट की छत बनाई गईं और इसके अंदर मुस्लिमों के लिए स्पेशल कमरे बनाए गए।

अफजल खान का किले में महिमामंडन

बीजापुर के अत्याचारी शासक और शिवाजी के कट्टर दुश्मन रहे अफजल खान का किले में महिमामंडन शुरू कर दिया गया। अब यहां पर हजरत मोहम्मद अफजल खान मेमोरियल ट्रस्ट के नाम से अवैध तरीके से निर्मित किले की लगभग 5500 वर्ग फुट की जमीन पर कब्जा कर लिया गया था। 

भारी पुलिस बल की तैनाती

सतारा जिला प्रशासन ने गुरुवार को मकबरे के आसपास सरकारी जमीन पर बने अनाधिकृत ढांचों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच गुरुवार तड़के ढांचों को ध्वस्त करने की कवायद शुरू की गई जो कि अभी भी जारी है। अब देखना होगा कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करते हुए क्या निर्देश देता है। 2017 में बांबे हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध ढांचे को गिराने का अल्टीमेटम दिया था। इसी सिलसिले में कब्र के पास बने अवैध ढांचे को गिराया गया।

अवैध निर्माण ध्वस्त किया

सतारा के कलेक्टर रुचिश जयवंशी ने बताया, 'अफजल खान मकबरा परिसर के आसपास बने पक्के कमरों जैसे अवैध ढांचों को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है।' यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार की गई है। अनाधिकृत ढांचा 15 से 20 गुंठा भूमि (एक गुंठा 1,089 वर्ग फुट के बराबर) पर फैला हुआ था। जमीन का कुछ हिस्सा वन विभाग का है, जबकि कुछ हिस्सा राजस्व विभाग का है।

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होगी सुनवाई

महाराष्ट्र के सतारा जिले में बीजापुर के आदिल शाही वंश के सेनापति अफजल खान के मकबरे के आसपास के अवैध ढांचे के विध्वंस के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। फिलहाल, कड़ी सुरक्षा के बीच जिला प्रशासन की ओर से अवैध ढांचा गिराने की कार्रवाई अभी जारी है। सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र में आदिल शाही वंश के सेनापति अफजल खान के मकबरे के आसपास स्थित ढांचों को गिराने की मौजूदा प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

कोर्ट ने पूछा-1959 में वहां मकबरा कैसे बना सकते हैं

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने इस दलील पर ध्यान दिया कि अफजल खान की कब्र, जिसे 1659 के आसपास दफनाया गया था, उसके आसपास स्थिति ढांचों को इस आधार पर ध्वस्त किया जा रहा कि उसका निर्माण अवैध रूप से वन की विभाग की जमीन पर किया गया है। याचिका को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप 1959 में उस जगह पर मकबरा कैसे बना सकते हैं।  

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