विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'लड़ाई मंत्री पद की नहीं, अस्मिता की है...' महायुति छोड़ेंगे छगन भुजबल? समर्थकों के साथ बैठक में दिया संकेत

Published: Wed, 18 Dec 2024 11:05 AM (IST)

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल काफी ज्यादा नाराज हैं। नाराजगी के ...और पढ़ें

छगन भुजबल ने येवला में समर्थकों के साथ की बैठक
छगन भुजबल ने येवला में समर्थकों के साथ की बैठक

HighLights

  1. मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने से नाराज भुजबल
  2. येवला में की समर्थकों के साथ बैठक

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल बेहद नाराज हैं। छगन भुजबल ने बुधवार को अपने चुनाव क्षेत्र नासिक के येवला में समर्थकों की बैठक बुलाई। इस बैठक को बहुत अहम माना जा रहा है।

इस बैठक में उन्होंने समता परिषद के कार्यकर्ता और ओबीसी समाज के लोगों को भी बुलाया। छगन भुजबल ने बैठक में साफ किया कि वह मंत्री पद के लिए लड़ेंगे। उनके इस फैसले से महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मच सकती है।

इस दौरान, मीटिंग में छगन भुजबल ने कहा कि हम वे लोग हैं जो शून्य से लड़कर निर्माण करते हैं। इसलिए, हम फिर से लड़ेंगे, यह लड़ाई मंत्री पद के लिए नहीं बल्कि पहचान के लिए है। आपने कई मंत्रालयों में काम किया है। हम 40 से अधिक वर्षों से काम कर रहे हैं। इसलिए यह कोई मुद्दा नहीं है। यह लड़ाई हमारी है। इसलिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। हम लोगों को विश्वास में लिए बिना कोई निर्णय नहीं लेंगे। येवला-लासलगांव विधानसभा क्षेत्र के सभी लोगों ने बहुत मेहनत की और मुझे पांचवीं बार मौका दिया। इसके लिए धन्यवाद। हमें क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने आगे कहा, हमने मंजरपाड़ा के माध्यम से येवले को अधिक पानी देने का वादा किया है। हमें इसे भविष्य में पूरा करना है। हम विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित हैं और विकास कार्य निरंतर जारी रहेगा। हम येवला-लासलगांव निर्वाचन क्षेत्र को एकजुट रखना चाहते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि येवला निर्वाचन क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

क्या मैं आपके हाथ का खिलौना हूं- भुजबल

इसके साथ ही छगन भुजबल ने इशारों में अजित पवार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि क्या मैं आपके हाथों का खिलौना हूं? क्या आपको लगता है कि जब भी आप मुझे कहेंगे, मैं खड़ा हो जाऊंगा और चुनाव लड़ूंगा, जब भी आप मुझे कहेंगे मैं बैठ जाऊंगा?

भुजबल ने अजित से बनाई दूरी

गौरतलब है कि अजित पवार ने जब शरद पवार से बगावत कर एनसीपी तोड़ी थी, तब छगल भुजबल अजित पवार के सबसे बड़े समर्थक बनकर सामने आए थे। छगन भुजबल ने कहा कि वह मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज या निराश नहीं हैं, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे वह अपमानित महसूस कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- Maharashtra Politics: बगावत करेंगे भुजबल? समर्थकों ने अजित पवार के बंगले के बाहर किया प्रदर्शन