मुंबई, प्रेट्र। अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में छह साल से अधिक समय से जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी शुक्रवार को बाहर आ गई है। बुधवार को उसे सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। वह मुंबई की भायखला जेल में बंद थी। शुक्रवार की शाम को पांच बजे जेल से बाहर निकलते ही इंद्राणी मुखर्जी ने अपनी वकील सना रईस शेख को गले से लगा लिया और मीडिया कर्मियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इंद्राणी मुखर्जी ने सफेद कपड़े पहने हुए थे। उन्होंने कहा कि वह बाहर आकर बेहतर महसूस कर रही हैं। उन्होंने अभी तक आगे की कोई योजना नहीं बनाई है। जेल परिसर के बाहर जमा मीडियाकर्मियों से उन्होंने कहा कि खुला आसमान दिखा। बहुत खुश हूं। इसके बाद वह अपनी वकील की कार में बैठकर अपने वर्ली स्थित फ्लैट के लिए रवाना हो गई।

जमानत की शर्तें

सु्प्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि इंद्राणी विशेष अदालत को अपना पासपोर्ट अनिवार्य रूप से सौंपेगी और कोर्ट की इजाजत के बगैर देश से बाहर नहीं जाएंगी। अदालत ने इंद्राणी को मामले के किसी गवाह से संपर्क और सुबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया है। सुनवाई में वह भाग लेंगी और स्थगन की मांग नहीं करेंगी। न्यायाधीश बार्डे ने यह भी कहा कि उपरोक्त शर्तो का उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष के पास जमानत रद करने के लिए अर्जी दाखिल कराने की स्वतंत्रता होगी।

जानें, क्या है मामला

शीना बोरा के हत्याकांड में इंद्राणी मुखर्जी मुख्य आरोपित है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत राशि दो लाख रुपये तय की और कहा कि इंद्राणी को दो सप्ताह में राशि जमा करनी होगी। इंद्राणी पिछली शादी से अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित हैं। शीना का 2012 में कथित तौर पर अपहरण कर हत्या कर दी गई थी और उसके शव को मुंबई के बाहरी इलाके स्थित जंगल में गाड़ दिया गया था। इंद्राणी के पूर्व पति और मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी भी दो अन्य लोगों के साथ इस मामले में आरोपित हैं और जेल जा चुके हैं। इंद्राणी और पीटर ने 2007 में आइएनएक्स नेटवर्क स्थापित किया था, लेकिन दो साल बाद गबन के आरोपों के बीच अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी।

Edited By: Sachin Kumar Mishra

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