इंदौर में सात दिन के भीतर होगी सभी पेयजल स्रोतों की जांच, क्लोरीनीकरण अभियान शुरू
इंदौर में सभी पेयजल स्रोतों की सात दिन के भीतर जांच की जाएगी। नगर निगम द्वारा नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए क्लोरीनीकरण अभियान शुरू किया ...और पढ़ें

पेयजल स्रोत की होगी जांच (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर जिले की सभी नगर परिषदों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत अगले सात दिनों में जिले के सभी बोरवेल, हैंडपंप, कुएं और जल टंकियों की जांच के साथ नियमित क्लोरीनीकरण किया जाएगा। जल के प्रमुख स्रोतों के आसपास साफ-सफाई, पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत और उनकी समुचित सफाई भी की जाएगी।
जिले के ग्रामीण अंचलों में विशेष रूप से जल स्रोतों की जांच का अभियान संचालित किया जाएगा, ताकि आमजन को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
जल स्रोतों से सैंपलिंग और टेस्टिंग अनिवार्य
कलेक्टर शिवम वर्मा ने जल व्यवस्था की निगरानी और जांच को लेकर अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी जल स्रोत—बोरवेल, हैंडपंप, कुएं, जल टंकियां एवं अन्य पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनीकरण किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक स्रोत से पेयजल की सैंपलिंग और लैब टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाए।
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कलेक्टर ने जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई और सभी पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत व गहन सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पेयजल संबंधी शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देशित किया कि पेयजल से संबंधित किसी भी शिकायत पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सतत निगरानी और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

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