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    Farhat Khan: कट्टरता का पाठ पढ़ाने वाली लेखिका डा.फरहत खान पुणे के अस्पताल से गिरफ्तार

    By Jagran NewsEdited By: Nidhi Avinash
    Updated: Thu, 08 Dec 2022 08:48 AM (IST)

    Farhat Khan लेखिका डा. फरहत खान को पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। लेखिका किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही है जिसको देखते हुए फरहत खान को अस्पताल में ही जमानत दे दी गई। बता दें कि फरहत खान 4 दिसंबर से अपने घर से फरार थी।

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    Farhat Khan: कट्टरता का पाठ पढ़ाने वाली लेखिका डा.फरहत खान पुणे के अस्पताल से गिरफ्तार

    इंदौर, जागरण डेस्क। Farhat Khan: आपत्तिजनक किताब 'सामूहिक हिंसा एवं दांडिक न्याय पद्धति' की लेखिका डा. फरहत खान को पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। लेखिका किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही है जिसको देखते हुए फरहत खान को अस्पताल में ही जमानत दे दी गई। हालांकि, पुलिस ने पूछताछ और पेश होने के लिए नोटिस सौंप दिया है। गौरतलब है कि कट्टरता का पाठ पढ़ाने का मामला सामने आने के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल व लेखिका समेत चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआइआर दर्ज की थी।

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    फरहत खान हो गई थी फरार

    डीसीपी जोन-4 आरके सिंह के मुताबिक कालिंदी पार्क निवासी फरहत खान 4 दिसंबर से अपने घर से फरार थी। इस मामले में पुलिस को सूचना मिली थी कि वे महाराष्ट्र में है क्योंकि उसका फोन ऑन था। 7 दिसंबर की सुबह पुलिस को जानकारी मिली की फरहत खान पुणे के रबी हाल अस्पताल में भर्ती हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस की टीम को वहां पहुंची और लेखिका को गिरफ्तार किया गया। बता दें कि जब पुलिस लेखिका के पास पहुंची तो उसका डायलिसिस हो रहा था और गिरफ्तारी के डर से फरहत की तबीयत और भी बिगड़ने लगी। लेखिका के बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस को मजबूरी में जमानत देनी पड़ी।

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    फरहत खान की किताब से बढ़ा विवाद

    इंदौर के शासकीय नवीन लॉ कॉलेज की प्रो. डॉ फरहत खान की कथित विवादित किताब सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति (Collective Violence and Criminal Justice System) को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। फरहत खान द्वारा लिखी गई किताब को लेकर कुछ छात्रों ने शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में कहा गया है कि किताब में ऐसे कई कंटेट है जो साम्प्रदायिक गुटों में आपसी सौहार्द बिगड़ सकता है। शिकायतकर्ता लकी आदिवाल ने कहा कि ये किताब राष्ट्र की संप्रभुता,अखंडता को बिगाड़ने और छात्रों में राष्ट्र के प्रति नफरत फैलाने का काम कर रहा है।

    भंवरकुआं टीआइ शशिकांत चौरसिया के मुताबिक, लकी का आरोप है कि किताब में धार्मिक उन्माद फैलाने के इरादे से झूठा, सारहीन बगैर साक्ष्य के हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणी की गई है। लेखक का मुख्य उद्देशय मुस्लिम छात्रों में हिंदू धर्म के विरुद्ध नफरत फैलाना है।

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