इंदौर दूषित जल प्रकरण में बयानबाजी पर भाजपा संगठन नाराज, मंत्री विजयवर्गीय को दिल्ली बुलाया, महापौर को भी दी चेतावनी
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेतृत्व स्थानीय नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी से नाराज है, ...और पढ़ें

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस संवेदनशील प्रकरण पर स्थानीय भाजपा नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी नेतृत्व नाराज हो गया है। संगठन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे मामलों में असंयमित बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
इसी क्रम में मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को शनिवार को दिल्ली बुलाया गया, जहां उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ भागीरथपुरा मामले पर विस्तृत चर्चा की। नेतृत्व ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मंत्री विजयवर्गीय का पक्ष भी सुना। बैठक के बाद विजयवर्गीय शनिवार को ही इंदौर लौट आए और देर शाम स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ समीक्षा बैठक की।
हालांकि मंत्री विजयवर्गीय का कहना है कि उनका दिल्ली जाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में शामिल होने के लिए था। वहीं, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा अधिकारियों के ‘निर्देश न मानने’ संबंधी बयान पर भी भाजपा संगठन ने नाराजगी जताई है।
संगठन महामंत्री ने जताई नाराजगी
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा शनिवार को इंदौर पहुंचे। भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने दूषित पेयजल प्रकरण पर पार्टी नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी को अनुशासन के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्तव्य पार्टी की छवि धूमिल करते हैं और इससे संगठनात्मक स्तर पर गलत संदेश जाता है।
यह भी पढ़ें- सावधान! आपके घर के हैंडपंप में पानी नहीं, 'केमिकल' आ रहा है; रिपोर्ट दबाए बैठा है प्रशासन
गौरतलब है कि हाल ही में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम अधिकारियों पर निर्देशों की अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि ऐसी परिस्थितियों में काम करना मुश्किल हो जाता है और यह संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाना चाहिए।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।