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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: डेंगू को मात देकर भोपाल की 10 साल की बेटी दीक्षा सिंह ने जीता कराटे में गोल्ड मेडल

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Fri, 23 Dec 2022 03:01 PM (IST)

शहर की बिटिया दीक्षा सिंह गुरुंग ने डेंगू को मात देकर अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर राज्य का ...और पढ़ें

डेंगू को मात देकर भोपाल की 10 साल की बेटी दीक्षा सिंह ने जीता कराटे में गोल्ड मेडल
डेंगू को मात देकर भोपाल की 10 साल की बेटी दीक्षा सिंह ने जीता कराटे में गोल्ड मेडल

मध्य प्रदेश, भोपाल: शहर की बिटिया दीक्षा सिंह गुरुंग ने डेंगू को मात देकर अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर राज्य का नाम रौशन किया है। 10 साल की दीक्षा ने डेंगू से लड़ाई लड़ी और एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रही। इस चैंपियनशिप की बीते छह माह से तैयारी कर रही दीक्षा के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं था। लेकिन दीक्षा ने टूर्नामेंट के लिए रवाना होने से ठीक एक दिन पहले तक अपने स्वास्थ्य में सुधार करते हुए अस्पताल से छुट्टी करवाई और जयपुर के लिए टीम के साथ रवाना हो गई।

अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में दीक्षा ने जीता गोल्ड

जयपुर में खेली जा रही अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में दीक्षा ने गोल्ड मेडल जीता है। खास बात यह है कि चैंपियनशिप के ठीक दस दिन पहले उसकी तबीयत खराब हुई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मगर कहते हैं ना हौसला बुलंद हो तो किसी भी लक्ष्‍य को हासिल करना असंभव नहीं होता। डेंगू की वजह से दीक्षा की प्लेटलेट्स तेजी से गिर गए और डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी। मगर दीक्षा ने डाक्टरों को अपने कराटे चैंपियनशिप में भाग लेने की जानकारी दी और अस्पताल से छुट्टी करवाई । वहीं, दीक्षा के पापा बीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसे डेंगू होने के बाद उन्‍होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि वह इस चैंपियनशिप में जा पाएगी लेकिन उसने हौसला नहीं खोया और रवाना होने से एक दिन पहले बोली कि मैं अब जा सकती हूं। जीतकर आऊंगी, मुझे जाने दो।

कोच की बेहतर ट्रेनिंग ने दिलाई जीत

दीक्षा ने कुमिते में स्वर्ण पदक जीतकर अपने घर-परिवार के साथ-साथ शहर और प्रदेश का नाम भी रोशन कर दिया। गोल्ड जीतने के बाद दीक्षा ने बताया कि उसे कमजोरी तो महसूस हो रही थी लेकिन कोच की बेहतर ट्रेनिंग की बदौलत सब कुछ आसान हो गया। अब अगला लक्ष्य साधकर ट्रेनिंग करूंगी। दीक्षा ने अब तक अपने नाम यह उपलब्धि दर्ज कराई है। जिला कराटे स्पर्धा, भोपाल 2022- स्वर्ण पदक, राज्य कराटे स्पर्धा, पचमढ़ी 2022- स्वर्ण पदक, अंतरराष्ट्रीय कराते चैंपियनशिप, 2022- स्वर्ण पदक।

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