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    भोपाल की बस्तियों में दूषित पानी पीने को मजबूर रहवासी, यूका फैक्ट्री से सटे इलाकों में बदतर हालात

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 05:22 PM (IST)

    भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के 41 साल बाद भी प्रभावित 42 बस्तियों में दूषित पानी की समस्या गंभीर है। निवासी मल-मूत्र और रसायन मिश्रित पानी प ...और पढ़ें

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    अटल अय्यूब नगर में सीवेज के बीच से गुजरती पेयजल पाइप लाइन।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के 41 साल बाद भी उस त्रासदी से प्रभावित बस्तियों की हालत गंभीर बनी हुई है। शहर की 42 बस्तियों में बड़ी आबादी आज भी मल-मूत्र और घातक रसायन मिश्रित पानी पीने को मजबूर है। यह तब है जब निगम के अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय में बकायदा शपथपत्र देकर जल्द ही हालात सुधार लेने का वादा कर चुके हैं। इस शपथपत्र के सात वर्ष बीत जाने के बाद भी हालात नहीं सुधरे।

    पानी में घातक रसायन और बैक्टीरिया

    गैस पीड़ित संगठनों की शिकायतों पर मई 2012 में सर्वोच्च न्यायालय ने एक निगरानी समिति बनाई थी। जांच में हैंडपंप और कुओं के पानी में हैवी मेटल और डाइक्लोरोइथीन जैसे घातक रसायन पाए गए। नगर निगम ने 2017 में पाइपलाइन से जलापूर्ति शुरू की, लेकिन पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरी, जिससे 2018 में पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया, जो मलजल में ही मिलता है।

    अमृत-1 और अमृत-2 योजनाएं विफल

    निगरानी समिति ने अमृत-1 में सीवर लाइन अलग करने का निर्देश दिया, लेकिन नगर निगम ने इसे लागू नहीं किया। अप्रैल 2025 में दोबारा निरीक्षण में कई कॉलोनियों में टूटी पाइपलाइन, सीवर मिला पानी और टैप कनेक्शन की कमी जैसी शिकायतें सामने आईं। गैस पीड़ित संगठन भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन के अनुसार, “यूनियन कार्बाइड के पीछे बसे इलाकों में आज भी लोग दूषित पानी पी रहे हैं। अमृत-2 योजना में भी कोई सुधार नहीं हुआ।”

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    नगर निगम का मैदान में अमला

    भोपाल नगर निगम ने शनिवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में पाइपलाइन मेंटेनेंस, सीवेज चैंबर की सफाई और डोर-टू-डोर पानी सैंपलिंग का काम जारी रखा। करोंद, हाउसिंग पार्क कॉलोनी, नवाब कॉलोनी, साकेत नगर, शिर्डीपुरम, अमराई, सुरेश नगर, दमखेड़ा, संजय नगर और आंबेडकर नगर समेत 35 से ज्यादा इलाकों में लीकेज सुधार और पानी की गुणवत्ता जांच की गई।

    जलकार्य अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने बताया कि लीकेज सुधार का काम लगातार जारी रहेगा और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

    इन इलाकों से लिए पानी के सैंपल

    नगर निगम की टीमों ने जलापूर्ति के दौरान शहर के भीम नगर, यादव मोहल्ला, कुमार मोहल्ला, अंबेडकर नगर, कोटरा, नया बसेरा, जहांगीराबाद, प्रजापति मोहल्ला, रेलवे स्टेशन झुग्गी, वन ट्री हिल्स झुग्गी, सिंगारचोली गांव, धोबी घाट (बैरागढ़), हज हाउस, महावीर बस्ती, नई बस्ती, शिव शक्ति नगर, प्रीत नगर, उड़िया बस्ती, ब्लू मून कॉलोनी, नवाब कॉलोनी, गरीब नगर, वाजपेयी नगर, मदर इंडिया झुग्गी, हरिजन बस्ती (नारियलखेड़ा), जाटखेड़ी, अमराई, सुरेश नगर, कन्हाकुंज फेज-2, दमखेड़ा बी सेक्टर, दमखेड़ा ए सेक्टर, संजय नगर झुग्गी व आंबेडकर नगर।