क्या है Cinderella Complex Syndrome, जब सपनों के राजकुमार का इंतजार बन जाता है जिंदगी की सबसे बड़ी बेड़ी!
फिल्मों और कहानियों में हमने अक्सर एक ऐसी लड़की को देखा है जो मुसीबत में होती है और कोई पुरुष आकर उसे बचाता है। यह सोच सिर्फ कहानियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि असल जिंदगी में भी कई महिलाएं अनजाने में इसी तरह की मानसिकता से प्रभावित होती हैं। इसे ही Cinderella Complex Syndrome कहा जाता है। आइए एक्सपर्ट की मदद से जानते हैं इसके बारे में।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Cinderella Complex Syndrome एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है, जिसमें महिलाएं आत्मनिर्भर होने से डरती हैं और चाहती हैं कि कोई और आकर उनकी जिंदगी को आसान बनाए। यह एक मानसिक निर्भरता का रूप है, जिसमें महिलाएं खुद पर विश्वास करने के बजाय किसी और पर निर्भर रहने की सोचती हैं।
यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक मानसिक पैटर्न है जो समाज और पारंपरिक मान्यताओं से प्रभावित होता है। एक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कोलेट डाउलिंग ने इस मानसिकता को ‘सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स’ का नाम दिया और इसे महिलाओं के आत्म-संकोच और आत्मनिर्भरता से डर से जोड़ा। उनका मानना था कि यह कॉम्प्लेक्स समाज द्वारा लड़कियों को दिया गया संदेश है, जिसमें उन्हें नाजुक, आत्मविश्वासी और मदद की जरूरत महसूस करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
आसान भाषा में समझें, तो सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स वह स्थिति है जब महिलाएं फ्रीडम से डरती हैं और उन्हें ऐसा साथी चाहिए होता है जो उन्हें हर मुश्किल से बचाए। दरअसल, यह सोच बचपन से ही विकसित होती है, जब लड़कियों को सिखाया जाता है कि उन्हें दूसरों, खासकर पुरुषों पर निर्भर रहना चाहिए।

क्या है सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स सिंड्रोम? (What is Cinderella Complex Syndrome)
सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स एक ऐसी सोच है जिसकी वजह से महिलाएं अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने में मुश्किल महसूस करती हैं। उन्हें लगता है कि कोई साथी उनकी मदद करेगा और उन्हें बताएगा कि क्या करना है और कैसे चीजों को मैनेज करना है। इस सोच के कारण, वे अपनी ताकत और काबिलियत को भूल जाती हैं। इसलिए, वे आजाद होकर अपनी मर्जी से कुछ भी करने से डरती हैं और सोचती हैं कि उन्हें हमेशा किसी और की जरूरत पड़ेगी।
यह सोच उस समाज में ज्यादा देखने को मिलती है जहां पुराने रीति-रिवाजों और परिवार की बातों को बहुत ज्यादा तवज्जो दी जाती है। भारत जैसे देशों में, भले ही औरतें पढ़-लिखकर नौकरी कर रही हैं, मगर कई बार शादी और घर की जिम्मेदारियों का दबाव उन्हें पुरानी सोच में वापस धकेल देता है।
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सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स पर ज्यादा जानकारी के लिए हमने, एशियन अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर और एचओडी डॉ. मीनाक्षी मनचंदा से खास बातचीत की है। आइए जानें।
डॉ. मीनाक्षी बताती हैं कि सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स एक ऐसी सोच या मानसिकता है, जिसमें कुछ महिलाएं अपने जीवन में खुद पर निर्भर रहने से डरती हैं। वे चाहती हैं कि कोई खासकर कोई पुरुष उनका ख्याल रखे, उन्हें सुरक्षित रखे और आर्थिक तौर पर मदद करे। इस शब्द की शुरुआत 1981 में कॉलिन डॉवलिंग नाम की लेखिका ने की थी। उन्होंने बताया कि कैसे समाज महिलाओं से यह उम्मीद करता है कि वे सुंदर, शांत और दूसरों का साथ देने वाली हों, लेकिन अपने फैसले खुद लेने या अपनी स्थिति खुद बदलने में कमजोर रहें।
इस सोच की जड़ें उस परीकथा ‘सिंड्रेला’ में हैं, जहां एक लड़की राजकुमार का इंतजार करती है जो आकर उसकी जिंदगी बदल दे। इसी तरह, असल जिंदगी में भी कई महिलाएं अपने फैसले खुद लेने से डरती हैं, और चाहती हैं कि कोई दूसरा उनकी समस्याएं हल करे।
सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स के कारण (Causes of Cinderella Complex)
डॉ. मीनाक्षी के मुताबिक, सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स की शुरुआत बचपन में होती है। लड़कियों को अक्सर यह सिखाया जाता है कि वे शांत, आज्ञाकारी और दूसरों पर निर्भर रहें। यह बातें उन पर गहरा असर डालती हैं और वे खुद को सक्षम महसूस नहीं करतीं। दूसरी ओर, लड़कों को आत्मनिर्भर, सशक्त और फैसले लेने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह भेदभाव लड़कियों में यह विश्वास विकसित कर सकता है कि वे अकेले नहीं जी सकतीं और उन्हें हमेशा किसी की मदद की जरूरत रहती है।
सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स के संकेत (Signs of Cinderella Complex)
- स्वतंत्र होने का डर: महिलाएं खुद पर भरोसा नहीं कर पातीं और दूसरों पर निर्भर रहती हैं।
- जिम्मेदारी से बचना: वे चाहती हैं कि कोई और उनके लिए फैसले ले।
- खुद को कमजोर समझना: वे सोचती हैं कि उन्हें हमेशा किसी की मदद की जरूरत है।
- पुरानी सोच: जैसे पुरुष ही कमाने वाले और महिलाओं को बस सहारा चाहिए।
- खुद को कम आंकना: ऑफिस में भी महिलाएं लीडर बनने से बचती हैं और दूसरों को आगे बढ़ने देती हैं।
सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स से कैसे निकलें? (How to Overcome Cinderella Complex)
इस मानसिकता को समझना और स्वीकार करना ही पहला कदम है। अगर महिलाएं अपनी निर्भरता और डर को पहचान लें, तो वे इससे बाहर निकलने की दिशा में कदम उठा सकती हैं। कुछ तरीके हैं, जो मदद कर सकते हैं:
- खुद को समझना और आत्मविश्वास बढ़ाना
- आर्थिक रूप से मजबूत बनना
- यह सोचना बंद करना कि केवल पुरुष ही सुरक्षा दे सकते हैं
जो बातें हमें बचपन से सिखाई गई हैं, उन पर सवाल उठाना – जैसे प्यार, शादी, और काम में हमारी भूमिका क्या होनी चाहिए। इस बात को ध्यान रखें कि हर बार किसी की मदद की चाहत सिंड्रेला कॉम्प्लेक्स नहीं होती, लेकिन अगर कोई लगातार दूसरों पर निर्भर रहता है और खुद फैसले लेने से डरता है, तो ये कॉम्प्लेक्स हो सकता है।

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