मच्छर, खटमल या चींटी... किस कीड़े ने काटा है? ऐसे कर सकते हैं पहचान
कीड़ों के काटने से होने वाले जख्म अलग-अलग तरह के होते हैं। कुछ के काटने से खुजली होती है लाल निशान पड़ते हैं जबकि कुछ के काटने से तेज दर्द होता है। मच्छर खटमल पिस्सू मधुमक्खी जैसे कीड़ों के काटने के अलग-अलग लक्षण होते हैं। इनसे बचने के लिए सावधानी बरतें जैसे कि कीड़ों से बचाव करने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करें।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर कीड़े के काटने पर होने वाले जख्म अलग-अलग तरह के होते हैं। वैसे तो हर कीड़े या मच्छर का काटना खतरनाक नहीं होता लेकिन कई बार यह आपको गंभीर रूप से बीमार भी कर सकता है। अगर आप उन जख्मों को देखकर कीड़े का नाम जान लें, तो आपको इलाज भी आसानी से मिल जाएगा।
मच्छर
इसके काटने पर उस जगह पर खुजली होती है, लाल या पिंक कलर की गांठ जैसी हो जाती है। आमतौर पर मच्छर का काटना नुकसानदेह नहीं होता, लेकिन इसकी कई प्रजाति जीका वायरस, मलेरिया या डेंगू जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है।
यह भी पढ़ें- मानसून आते ही बढ़ जाता है मच्छरों का आतंक, घर से दूर रखने के लिए आजमाएं ये 5 आसान टिप्स
खटमल
इसके काटने पर किसी प्रकार का दर्द नहीं होता, लेकिन आपको दो से तीन के ग्रुप में लाल निशान नजर आएंगे जोकि एक लाइन जैसी बनाती है। इसके लक्षण आपको 12-14 दिनों में नजर आते हैं, क्योंकि खटमल के स्लाइवा में एक ऐसा तत्व होता है जिसके काटने पर उसकी पहचान मुश्किल होती है।
टिक
आमतौर पर टिक बाइट की पहचान करना मुश्किल है। इसके काटने से दर्द, खुजली होती है, लेकिन कुछ लोगों को नहीं भी होती है। काटने के बाद भी ये स्किन पर रह जाते हैं, लेकिन आकार में इतने छोटे होते हैं कि नजर नहीं आते। लेकिन जब ये ब्लड पर जिंदा रहकर बढ़ने लगते हैं तो एक छोटी-सी सख्त फुंसी के रूप में स्किन रिएक्शन नजर आता है। वैसे तो टिक बाइट खतरनाक नहीं होती, लेकिन ये अपने साथ बीमारी लेकर चलते हैं।
पिस्सू (flea bite)
इसके काटने के कुछ ही घंटों के भीतर लक्षण नजर आने लगते हैं और इसके काटने के निशान तीन या चार दानों के ग्रुप में नजर आते हैं। इस कीड़े के काटे जाने वाली जगह पर खुजली और सूजन महसूस होती है, जोकि लाल रंग की होती है। आमतौर पर इसके काटने के निशान टखनों और पैरों पर नजर आते हैं।
मधुमक्खी
जैसे ही मधुमक्खी डंक मारती है कुछ मिनट के लिए लगातार तेज दर्द होता है। कुछ घंटों में यह दर्द चला भी जाता है, लेकिन कुछ दिनों तक उस हिस्से में सूजन रहती है। मधुमक्खी के डंक मारने वाली जगह लाल होने के साथ सूज जाती है। उनकी डंक में प्रोटीन होता है जो त्वचा की सेल्स पर अटैक करता है और इम्यून रिस्पॉन्स की वजह से सूजन हो जाती है। कुछ मामलों में यह गंभीर भी हो सकता है।
जुंएं
इनके काटने से कंधे, गर्दन और स्कैल्प पर लाल रंग के छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं। ये छोटे कीड़े सिर पर, शरीर पर या प्यूबिक एरिया में हो सकते हैं। ये कीड़े कपड़ों या बिस्तर पर छुपे हो सकते हैं। इनके जख्म बहुत छोटे होते, इसलिए उनमें दर्द तो नहीं होता लेकिन खुजली होती है। जुंए होने के चार ये छह हफ्तों तक खुजली नहीं होती।
चींटी
चींटियों के काटने पर दर्द महसूस होता है और स्किन पर छोटे-छोटे उभार हो जाते हैं। काली चींटियां नहीं काटतीं, लेकिन लाल चींटियां काटती हैं। इनके काटने का असर कई घंटों तक बना रहता है।
हॉर्नेट और ततैया
ये वेस्पिडे फैमिली के हैं। इनके काटते ही बहुत तेज दर्द, सूजन और खुजली महसूस होती है। कुछ लोगों को हॉर्नेट और ततैया के काटने पर उस जगह पर ब्लीडिंग या रेडनेस भी नजर आती है। दर्द को दूर करने के लिए कुछ लोग उस हिस्से पर आइस पैक भी लगाते हैं, लेकिन आधे घंटे में यह ठीक भी हो जाता है।
ऐसे बचें कीड़ों के काटने से
- इस तरह की एक्टिविटी से बचें जिसमें कीड़ों के काटने का खतरा रहता है।
- आप जिस जगह पर जा रहे हैं वहां पाए जाने वाले किसी खास प्रकार के कीड़े के बारे में जरूर पता करें।
- अच्छी क्वालिटी के स्किन सेफ इन्सेक्ट रेपेलेंट का इस्तेमाल करें।
- मच्छरदानी के अंदर सोएं
- अगर ट्रैवल कर रहे हैं तो अपने साथ दवाएं रखें और पूरी सावधानी बरतें।
यह भी पढ़ें- कॉकरोच ने नाक में कर रखा है दम, तो आजमाएं 5 घरेलू नुस्खे; घर से दुम दबाकर भाग जाएंगे सारे तिलचट्टे
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।