यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुरुषों को Infertility की ओर ले जा रहा तंबाकू का शौक, बचाव में काम आएगी एक्सपर्ट की सलाह
क्या आप जानते हैं कि धूम्रपान सिर्फ आपके फेफड़ों और दिल पर ही बुरा असर नहीं डालता बल्कि यह आपकी ...और पढ़ें

HighLights
- तंबाकू खाने की आदत गंभीर बीमारियों को न्योता देती है।
- पुरुषों में इसके चलते इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पैदा हो जाती है।
- एक्सपर्ट के बताए टिप्स से आप अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। World No Tobacco Day 2025: सिगरेट पीने का बढ़ता चलन आज की युवा पीढ़ी के लिए सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं लेकर आ रहा है। जी हां, यह सिर्फ कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा ही नहीं बढ़ाता, बल्कि पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी बुरा असर डालता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जो पुरुष लंबे समय से सिगरेट पी रहे हैं, उनमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आइए विस्तार से जानें इसके बारे में।
एशियन अस्पताल के यूरोलॉजी, किडनी और रोबोटिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. राजीव कुमार सेठिया बताते हैं कि धूम्रपान और तंबाकू का सेवन पुरुषों की सेक्शुअल हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक है। तंबाकू में मौजूद निकोटिन खून की नलियों को सिकोड़ देता है, जिससे लिंग में खून का बहाव ठीक से नहीं हो पाता और इरेक्शन आने में दिक्कत होती है।
इसके अलावा, डॉ. सेठिया यह भी बताते हैं कि धूम्रपान पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है। इसकी वजह से पुरुषों में यौन इच्छा में कमी, थकान और तनाव जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इतना ही नहीं, तंबाकू नसों को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे दिमाग से यौन उत्तेजना के संकेत कमजोर हो जाते हैं।
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स्पर्म का काउंट हो जाता है कम
डॉ. सेठिया बताते हैं कि धूम्रपान पुरुषों के स्पर्म के लिए बहुत हानिकारक है। धूम्रपान करने से स्पर्म काउंट कम हो जाता है, उनकी गति धीमी पड़ जाती है और उनके डीएनए को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इन सब कारणों से गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है।
कम उम्र में भी बढ़ रहा है खतरा
डॉक्टर का कहना है कि 30 साल से कम उम्र के पुरुषों में भी नपुंसकता (ED) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह तंबाकू है। वे आगे बताते हैं कि कई युवा मरीज इस समस्या के बारे में बात करने में शर्म महसूस करते हैं और इलाज करवाने में देर कर देते हैं, जिससे उनकी हालत और खराब हो जाती है।
डॉक्टर ने दी जरूरी सलाह
डॉ. सेठिया सलाह देते हैं कि समय रहते तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। साथ ही, योग, प्राणायाम, नियमित व्यायाम और हेल्दी डाइट जैसे उपाय अपनाकर सेक्शुअल हेल्थ को फिर से बेहतर बनाया जा सकता है। "इरेक्टाइल डिसफंक्शन लाइलाज नहीं है, लेकिन इसके इलाज की पहली सीढ़ी है- तंबाकू छोड़ना।"
इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में बात करना अक्सर लोग मुश्किल समझते हैं, लेकिन यह एक गंभीर बीमारी है। तंबाकू इसका एक बहुत बड़ा कारण बनकर सामने आया है। इसलिए, यह जरूरी है कि युवा लोग समय रहते सावधान हो जाएं और अपनी सेक्शुअल हेल्थ का ध्यान रखें।