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ओजेम्पिक लेने से पहले जरूर पढ़ें यह खबर, डॉक्टर ने बताया 5 तरह के लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है यह दवा

Published: Wed, 17 Dec 2025 04:46 PM (IST)

12 दिसंबर को नोवो नॉर्डिक कंपनी ने भारत में ओजेम्पिक (Ozempic in India) को लॉन्च किया। भारत में इसे टाइप-2 ...और पढ़ें

इन लोगों को नहीं लेनी चाहिए सेमाग्लुटाइड (Picture Courtesy: Freepik)

इन लोगों को नहीं लेनी चाहिए सेमाग्लुटाइड (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. 12 दिसंबर को ओजेम्पिक भारत में लॉन्च हुई

  2. इसे टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है

  3. कुछ लोगों को इस दवा को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले नोवो नॉर्डिक ने भारत में ओजेम्पिक (Ozempic) लॉन्च किया। भारत में इसे टाइप-2 डायबिटीज की दवा के रूप में लॉन्च किया गया है, लेकिन कई देशों में इसका इस्तेमाल वेट लॉस की दवा के रूप में भी किया जाता है। ओजेम्पिक एक इन्जेक्टेबल दवा है, जो हफ्ते में एक बार ली जाती है और यह अलग-अलग डोज में आती है। 

ऐसे में इस दवा से जुड़े कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। क्या ओजेम्पिक हर किसी के लिए सुरक्षित है, इसके क्या साइड इफेक्ट्स (Ozempic Side Effects) हो सकते हैं और क्या यह दवा टाइप-1 डायबिटीज पर भी असर करेगी? ऐसे ही सवालों का जवाब जानने के लिए हमने डॉ. राजीव चौधरी (डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, यथार्थ सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से बात की। आइए जानें ओजेम्पिक के बारे में डॉक्टर क्या कहते हैं।  

ओजेम्पिक सेमाग्लुटाइड से बना होता है, जो GLP-1 की तरह काम करता है, जो ब्लड शुगर और भूख कंट्रोल करने में मददगार है। इसलिए इसका इस्तेमाल वेट लॉस ड्रग के रूप में भी किया जाता है। इसलिए ओजेम्पिक कई लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन इसके इस्तेमाल से पहले इसके जोखिमों को समझना बेहद जरूरी है।

Ozempic

(Picture Courtesy: AI Generated Image)

किन लोगों को ओजेम्पिक नहीं लेना चाहिए?

  • थायरॉइड कैंसर का इतिहास- जिन लोगों को या जिनके परिवार में मेडुलरी थायरॉइड कार्सिनोमा (MTC) का इतिहास है, या जिन्हें मल्टीपल एंडोक्राइन नियोप्लासिया टाइप-2 (MEN-2) सिंड्रोम है, उन्हें यह दवा नहीं लेनी चाहिए। 
  • प्रेग्नेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाएं- प्रेग्नेंसी के दौरान यह दवा कितनी सुरक्षित है, इस बारे में अभी डाटा मौजूद नहीं है। इसलिए इस दौरान इसे नहीं लेना चाहिए। साथ ही, अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो भी इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से बात करनी जरूरी है।
  • पैन्क्रियाटाइटिस का इतिहास- गंभीर या बार-बार होने वाले पैन्क्रियाटाइटिस के मरीजों में इसका इस्तेमाल बिना डॉक्टर से पूछे नहीं करना चाहिए।
  • गंभीर गैस्ट्रोपैरेसिस- यह दवा पेट की खाली होने की गति को और धीमा कर सकती है, जिससे यह स्थिति बिगड़ सकती है।
  • गंभीर किडनी या लिवर की बीमारी- इन अवस्थाओं में दवा का मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना यह दवा न लें।

ओजेम्पिक के साइड इफेक्ट्स कैसे हो सकते हैं?

  • सामान्य दुष्प्रभाव- इनमें मतली, उल्टी, दस्त, कब्ज, पेट फूलना, सिरदर्द और थकान शामिल हैं। ये आमतौर पर शुरुआती हफ्तों में होते हैं और धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। 
  • गंभीर दुष्प्रभाव- पैन्क्रियाटाइटिस, पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द, बुखार, गंभीर उल्टी-दस्त से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में, तेजी से ब्लड शुगर सुधार से आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंच सकता है। अगर इंसुलिन या अन्य दवाओं के साथ लिया जाए, तो ब्लड शुगर ज्यादा कम हो सकता है।

क्या टाइप-1 डायबिटीज के मरीज ओजेम्पिक ले सकते हैं?

इसका जवाब है, नहीं। ओजेम्पिक टाइप-1 डायबिटीज के लिए सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि ओजेम्पिक एक GLP-1 एगोनिस्ट है, जो शरीर में मौजूदा इंसुलिन को बढ़ाता है और ग्लूकागन को कम करता है। टाइप-1 डायबिटीज में, शरीर इंसुलिन बिल्कुल नहीं बना पाता। ऐसे में, ओजेम्पिक काम नहीं कर सकता।