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    सिर्फ हड्डियों को ही नहीं, आंतों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है Vitamin-D की कमी; ऐसे करें बचाव

    Updated: Mon, 14 Apr 2025 09:00 AM (IST)

    विटामिन-डी कमी (Vitamin-D Deficiency) सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि और भी कई चीजों के लिए जरूरी है। इसकी कमी की वजह से इम्युनिटी कमजोर होती है और गट हेल्थ को भी काफी नुकसान होता है। विटामिन-डी और गट हेल्थ का क्या कनेक्शन है इस बारे में हम इस आर्टिकल में जानेंगे। आइए जानें क्यों विटामिन-डी गट हेल्थ के लिए जरूरी है।

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    Vitamin-D Deficiency: विटामिन-डी और गट हेल्थ का आपस में है गहरा कनेक्शन (Picture Courtesy: Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी (Vitamin-D) को अक्सर हम बोन हेल्थ से जोड़कर देखते हैं। यह सही भी है, क्योंकि विटामिन-डी की कमी (Vitamin-D Deficiency) से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विटामिन-डी की कमी आपकी गट हेल्थ यानी आंतों की सेहत को भी प्रभावित (Vitamin-D and Gut Health) करती है? जी हां, यह सच है। 

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    बिजी लाइफस्टाइल के कारण हम धूप में कम वक्त बिताते हैं, जिसकी वजह से विटामिन-डी की कमी हो सकती है। इसका सीधा असर आपकी आंतों की सेहत पर भी पड़ता है। आइए जानें कैसे विटामिन-डी गट हेल्थ को प्रभावित करता है और अगर इसकी कमी हो जाए, तो कैसे पूरी कर सकते हैं (Vitamin-D Deficiency Prevention Tips)। 

    विटामिन-डी और गट हेल्थ का कनेक्शन (Vitamin-D and Gut Health Connection)

    आंतों के माइक्रोबायोम को सपोर्ट करता है

    हमारी आंतों में लाखों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये बैक्टीरिया पाचन, इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अहम होते हैं। एक्टिव विटामिन-डी आंतों में अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) को बढ़ावा देता है और हानिकारक बैक्टीरिया को कम करता है, जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।

    इंफ्लेमेशन और लीकी गट को कम करता है

    लीकी गट (Leaky Gut) एक ऐसी कंडिशन है, जिसमें आंतों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं और हानिकारक तत्व खून में मिल जाते हैं। विटामिन-डी आंतों की सूजन को कम करके इस समस्या से बचाता है और आंतों की लाइनिंग को मजबूत बनाता है।

    इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है

    हमारी आंतें शरीर की 70% इम्युनिटी को कंट्रोल करती हैं। विटामिन-डी इम्यून सेल्स को एक्टिवेट करता है, जिससे आंतों में इन्फेक्शन और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा कम होता है।

    यह भी पढ़ें: किस समय लेना चाहिए Vitamin-D सप्लीमेंट? पूरा फायदा चाहिए, तो जान लें इसे लेने का सही वक्त

    विटामिन-डी की कमी के लक्षण

    • थकान और कमजोरी
    • हड्डियों और जोड़ों में दर्द
    • बार-बार इन्फेक्शन होना
    • पाचन संबंधी समस्याएं (गैस, कब्ज, डायरिया)
    • मूड स्विंग्स और डिप्रेशन

    विटामिन-डी की कमी कैसे दूर करें?

    धूप लेना सबसे अच्छा उपाय

    विटामिन-डी को "सनशाइन विटामिन" भी कहा जाता है, क्योंकि सूरज की किरणें त्वचा पर पड़ने से शरीर इसका निर्माण करता है। रोजाना 15-20 मिनट सुबह की धूप लेना फायदेमंद होता है।

    विटामिन-डी से भरपूर डाइट

    • फैटी फिश (सालमन, मैकेरल, टूना)
    • अंडे की जर्दी
    • फोर्टिफाइड दूध और दही
    • मशरूम (खासकर सूरज की रोशनी में उगाए गए)

    सप्लीमेंट्स लेना

    अगर धूप और आहार से पर्याप्त विटामिन-डी नहीं मिल पाता, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं। विटामिन-डी3 (Cholecalciferol) सबसे प्रभावी फॉर्म है, लेकिन इसे खुद से न लें।

    प्रोबायोटिक्स लें

    दही, किमची, इडली और प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स लेने से आंतों का स्वास्थ्य सुधरता है, जिससे विटामिन-डी का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है।

    यह भी पढ़ें: इस मिनरल की कमी से भी घट सकता है Vitamin-D का लेवल, बचाव के लिए डाइट में शामिल कर लें ये चीजें

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।