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    ADHD के लक्षणों को कम कर सकती है सही डाइट! एक्सपर्ट ने बताया क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

    Updated: Tue, 18 Feb 2025 04:35 PM (IST)

    क्या आप या आपके बच्चे को एडीएचडी (ADHD) है? क्या आप जानते हैं कि आपकी डाइट और न्यूट्रिशन आपके फोकस एनर्जी और मूड को प्रभावित कर सकते हैं? जी हां एडीएचडी से जूझ रहे लोगों के लिए सही डाइट (ADHD Diet) चुनना बेहद जरूरी है। आइए यशोदा सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी की डाइटीशियन और नूट्रिशनिस्ट डॉक्टर भावना गर्ग से इस बारे में जानते हैं।

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    ADHD Diet और न्यूट्रिशन: जानिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं (Image Source: Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ADHD Diet: एडीएचडी (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने, चीजों को याद रखने और एक ही जगह लंबे समय तक बैठने में परेशानी होती है। आमतौर पर यह समस्या बच्चों में देखी जाती है, लेकिन वयस्क भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि सही डाइट अपनाकर ADHD के लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है?

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    एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ खास पोषक तत्व ध्यान और फोकस बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, जबकि कुछ फूड आइटम्स लक्षणों को और खराब कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि ADHD में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं (ADHD Foods To Eat And Avoid)।

    क्या है अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD)?

    अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है और उसका व्यवहार बहुत ज्यादा सक्रिय और उलझा हुआ रहता है। इस बीमारी में, व्यक्ति अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाता और उसे समय पर या बिना भटकाव के काम पूरा करने में मुश्किल होती है। इसके लक्षणों में ज्यादा बोलना, बिना सोचे-समझे फैसले लेना और लगातार हलचल में रहना शामिल होते हैं। एडीएचडी का इलाज दवाइयों और दूसरे उपचारों से होता है, लेकिन सही आहार भी इसके लक्षणों को सुधारने में मदद कर सकता है।

    यशोदा सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी की डाइटीशियन और नूट्रिशनिस्ट डॉक्टर भावना गर्ग का कहती हैं,कि एडीएचडी के मरीजों को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुछ खाद्य पदार्थ एडीएचडी के लक्षणों को और बढ़ा सकते हैं, जबकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं और शांति लाते हैं। एक संतुलित आहार न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता को भी सुधारता है।

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    ADHD में मददगार हैं खाने की ये चीजें

    • ओमेगा-3 फैटी एसिड्स: ये दिमाग के लिए फायदेमंद होते हैं। ओमेगा-3 से भरे खाद्य पदार्थ जैसे मछली (सल्मोन, सार्डिन), फ्लैक्ससीड्स, और अखरोट, एडीएचडी के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
    • प्रोटीन वाले फूड आइटम्स: चिकन, अंडा, और दालें प्रोटीन से भरपूर होती हैं, जो शरीर में ऊर्जा को स्थिर रखती हैं और ध्यान को बेहतर बनाती हैं।
    • कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स: व्होल ग्रेन्स जैसे ओट्स और ब्राउन राइस दिमाग के लिए अच्छी ऊर्जा प्रदान करते हैं और लम्बे समय तक मानसिक सक्रियता बनाए रखते हैं।
    • फल और सब्जियां: फल और सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो दिमाग की कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करती हैं। इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स दिमाग को ऊर्जा देते हैं और मानसिक स्थिति को संतुलित करते हैं।

    ADHD में कौन-सी चीजें हैं नुकसानदायक

    • चीनी: ज्यादा चीनी का सेवन करने से एडीएचडी के लक्षण बढ़ सकते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड मिठाइयों से बचना चाहिए क्योंकि ये शुगर के स्तर को असंतुलित कर सकते हैं।
    • कैफीन: कैफीन कुछ समय के लिए ध्यान में सुधार कर सकता है, लेकिन एडीएचडी के मरीजों को इससे बचना चाहिए क्योंकि यह चिंता और उत्तेजना को बढ़ा सकता है।
    • फूड एडिटिव्स और आर्टिफिशियल कलर्स: पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद केमिकल एडिटिव्स और आर्टिफिशियल कलर्स एडीएचडी के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। इसलिए इनसे दूर रहना जरूरी है।
    • ग्लूटेन और डेयरी प्रोडक्ट्स: कुछ स्टडीज के अनुसार, ग्लूटेन और डेयरी प्रोडक्ट्स कुछ लोगों में एडीएचडी के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों से बचने पर कुछ लोगों को लाभ हो सकता है।

    यशोदा सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी की डाइटीशियन और नूट्रिशनिस्ट डॉक्टर भावना गर्ग का कहना है, "एडीएचडी के इलाज में डाइट का सीधा असर पड़ता है। यदि आपको लगता है कि आपके या आपके बच्चे के एडीएचडी के लक्षण डाइट से बढ़ रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।

    एडीएचडी के इलाज में डाइट को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि यह न केवल दिमाग को बेहतर बनाता है, बल्कि यह रोजाना की एक्टिविटीज को भी आसान और बेहतर बना सकता है।

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