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पटाखों का शोर और जहरीली हवा बढ़ा सकती है 'हार्ट अटैक' का रिस्क, दीवाली पर दिल के मरीज जरूर बरतें ये सावधानियां

By Dr. Gautam SingalEdited By: Swati Sharma
Published: Sun, 08 Nov 2026 04:00 PM (GMT+05:30)

दीवाली पर पटाखों के धुएं और तेज आवाज से दिल के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। ...और पढ़ें

तेज आवाज और प्रदूषण से दिल को खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

तेज आवाज और प्रदूषण से दिल को खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली का त्योहार खुशियों, मिठाइयों और रोशनी का पर्व होता है। हालांकि, जिन लोगों को दिल की बीमारी है, उनके लिए इस समय ज्यादा एहतियात बरतने का होता है। पटाखे का धुआं और अचानक होने वाली तेज आवाजें दिल के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हवा में मौजूद PM 2.5 फेफड़ों में गहराई तक जाकर सूजन पैदा करते हैं, जो ब्लड वेसल्स को प्रभावित करते हैं। प्रदूषण के थोड़े समय के संपर्क में आने से भी दिल के मरीजों में हार्ट अटैक, अनियमित दिल की धड़कनें और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए त्योहार के समय ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। 

प्रदूषण से बचाव

त्योहार के दौरान पटाखे जलाने से या उसके अलग दिन भी प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। ऐसे में घर से बाहर निकलने से पहले प्रदूषण का लेवल चेक करें। अगर प्रदूषण ज्यादा है, तो घर के अंदर ही रहें। कई लोग ये मानते हैं कि सुबह के समय प्रदूषण कम होता है, लेकिन दीवाली के अलग दिन सुबह वॉक पर जाने से बचें, क्योंकि रातभर जलाए पटाखों का धुआं लंबे समय तक हवा में रहता है। 

घर के अंदर की हवा साफ रखना भी जरूरी है। अगर बाहर धुआं है, तो खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। साथ ही, घर के अंदर अगरबत्ती या तंबाकू का इस्तेमाल न करें। अगर किसी जरूरी काम के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो N95 मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।  

तेज आवाज वाले पटाखों से बनाएं दूरी

अचानक और तेज आवाजें शरीर में स्ट्रेस रिस्पॉन्स ट्रिगर कर सकती हैं, जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ सकते हैं। इसलिए पटाखों और शोरगुल वाली जगहों से दूर रहें। अचानक पटाखे की तेज आवाज से दिल की धड़कनें तेज हो सकती हैं, जो दिल के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक है। हालांकि, हर एक पटाखा फटने से कार्डियक अरेस्ट नहीं होता है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।

दवाइयों का ध्यान 

दिल के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे अपनी दवाइयां समय पर लें। डॉक्टर की सलाह के बिना एहतियात के तौर पर कोई भी ब्लड प्रेशर या एस्पिरिन की गोली बिल्कुल न लें। साथ ही, अगर आपको हार्ट फेलियर की समस्या है, तो खाने में संयम भी जरूरी है। ज्यादा तेल और नमक वाला न खाएं। साथ ही, शराब से दूरी बनाकर रखें। 

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

छाती पर दबाव, असामान्य सांस फूलना, ठंडा पसीना आना, चक्कर आना या लगातार दिल की धड़कन तेज होना महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इन लक्षणों को मामूली घबराहट न समझें और तुरंत मेडिकल हेल्प लें।

(डॉ. गौतम सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद)


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