यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कहीं आपके बच्चे में भी तो नहीं पनप रहा कैंसर, समय रहते इन लक्षणों से करें पहचान
कैंसर एक महामारी की तरह फैल रहा है जो बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। पीडियाट्रिक कैंसर ...और पढ़ें

HighLights
- कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो किसी को भी अपना शिकार बना सकती है।
- इन दिनों बच्चों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं।
- ऐसे में कुछ लक्षणों की मदद से समय रहते इसकी पहचान कर सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर के मामले दुनियाभर में अपने पैर पसार रहे हैं। यह बीमारी एक महामारी की तरह फैलती जा रही है। दुनियाभर कई लोग इसकी चपेट में आते हैं और कई इसकी वजह से अपनी जान तक गवां देते हैं। सिर्फ युवा और बुजुर्ग ही नहीं, अब बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। ऐसे में इसके बारे में लोगों को जागरूक करने के मकसद से हर साल सितंबर महीने में पीडियाट्रिक कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है।
ऐसे में हमने मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, साकेत में मस्कुलोस्केलेटल ऑन्कोलॉजी और बाल चिकित्सा (पेड) ऑन्कोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. अक्षय तिवारी से जाना कि कैसे पेरेंट्स समय रहते बच्चों में कैंसर के लक्षणों की पहचान कर सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों में कैंसर के कुछ वॉर्निंग साइन्स-
डॉक्टर ने बताया कि बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण, सभी आयु वर्गों की तरह, बहुत अस्पष्ट हो सकते हैं। हालांकि, शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी होने से इसके जल्दी निदान और इलाज में मदद मिल सकती है। ऐसे में यहां कुछ प्रमुख लक्षण दिए गए हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है:-
सामान्य लक्षण
- लगातार बुखार जो नियमित दवाओं से ठीक न हो
- बिना किसी साफ कारण के चोट या ब्लीडिंग
- थकान और कमजोरी
- वजन कम होना और भूख न लगना
खास लक्षण
- बाहों/पैरों या शरीर के किसी अन्य हिस्से में सूजन या गांठ
- हड्डियों या जोड़ों में दर्द (बाहों, पैरों या जोड़ों में लगातार दर्द)
- गर्दन, बगल या कमर में बड़ी, सख्त या दर्द रहित गांठें
- अचानक विजन लॉस,ब्लर विजन आदि
- उल्टी के साथ बार-बार सिरदर्द
किन बातों का रखें ध्यान
- अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, खासकर अगर वे लगातार या गंभीर हों:
- किसी बाल रोग विशेषज्ञ/डॉक्टर, या विशेष लक्षणों के मामले में, किसी ऑर्गन स्पेशियलिस्ट (जैसे कि हड्डी रोग विशेषज्ञ, अंगों में दर्द या सूजन के लिए) से परामर्श लें।
- लक्षणों को नजरअंदाज न करें, भले ही वे मामूली लगें।
- पीडियाट्रिक से नियमित जांच करवाने से कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद मिल सकती है।
- अगर आपके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, तो अपने डॉक्टर से जांच के विकल्पों पर चर्चा करें।
इसका भी रखें ख्याल
बचपन में होने वाले कैंसर के इलाज में बीमारी का जल्दी पता लगाना बेहद जरूरी है। अगर आपको अपने बच्चे में कोई असामान्य लक्षण या संकेत दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेने में संकोच न करें। हालांकि, ज्यादातर लक्षण अन्य बीमारियों के कारण हो सकते हैं, फिर भी सावधानी बरतना और किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।
इन चेतावनी संकेतों के बारे में जागरूक होकर और सक्रिय कदम उठाकर, आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कैंसर का संदेह या निदान होने पर आपके बच्चे को बेस्ट देखभाल मिले। याद रखें, अगर कैंसर का जल्दी पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है।
