Bird flu के बढ़ते मामलों के बीच क्या चिकन-अंडे खाना अभी भी है सेफ? जानिए एक्सपर्ट्स की राय
दुनियाभर में बर्ड फ्लू (Bird flu health risks) चिंता का विषय बना हुआ है। भारत में भी कई जगह इसके केस सामने आए हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में बिल्लियों के इस वायरस की चपेट में आने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में सभी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इस बीमारी के बीच चिकन-अंडा खाना कितना सुरक्षित है। आइए जानते हैं इसका जवाब।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में पिछले कुछ समय से बर्ड फ्लू (Bird flu prevention tips) चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका में इंसानों में इस वायरस के मिलने के बाद से भी वैज्ञानिक इसे लेकर चेतावनी जाहिर कर रहे हैं। साथ ही इसे लेकर WHO यह भी कह चुका है कि वह वायरस अगली महामारी (bird flu outbreak) की वजह बन सकता है।
इसी बीच अब भारत में भी बर्ड फ्लू (Bird flu health risks) को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। दरअसल, बीते दिन मध्य प्रदेश में बिल्लियों के H5N1 वायरस के संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद से भी इसे लेकर लोगों में डर का माहौल है। ऐसे में अब सभी में मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या बर्ड फ्लू के दौरान अंडे और चिकन खाना सेफ है? अगर आपके मन में भी ऐसे ही सवाल उठ रहे हैं, तो शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से जानते हैं इसका जवाब-
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कितना सेफ है अंडा-चिकन?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बर्ड फ्लू के दौरान चिकन और अंडे खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। इन्हें खाने से किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि बनाते और खाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि चिकन और अंडे अच्छी तरह से पकाए गए हों। बर्ड फ्लू से बचने के लिए अंडे और चिकन खाते समय निम्न बातों का ध्यान जरूर रखें-
अंडे खाते समय रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप अंडे खरीद रहे हैं, तो ध्यान रखें कि सही पैकेजिंग और स्टोरेज प्रोटोकॉल को फॉलो करने वाले खुदरा बाजारों से ही इन्हें खरीदें, क्योंकि यह आमतौर पर सुरक्षित होते हैं। साथ ही किसी भी तरह का वायरल इन्फेक्शन खत्म करने के लिए अंडों को कम से कम 175 डिग्री फारेनहाइट पर जरूर पकाएं। खाने से पहले ध्यान रखें कि जर्दी और अंडे की सफेदी दोनों पूरी तरह से पकी होनी चाहिए। इसका मतलब है कि उबले और तले हुए अंडे सेफ ऑप्शन हैं। हालांकि, हाफ फ्राई या आधे उबले अंडों से बचना चाहिए।
अच्छे से पकाकर ही खाएं अंडे
इसी तरह अगर आप चिकन खाने के शौकीन हैं, तो बर्ड फ्लू से बचने के लिए अच्छी तरह पके हुए चिकन को भी खाएं। चिकन को कम से कम 165 डिग्री फारेनहाइट पर अच्छी तरह से पका होना चाहिए। यह तापमान बर्ड फ्लू और अन्य दूसरे बैक्टीरिया और वायरस को प्रभावी ढंग से खत्म कर देता है। इसके अलावा खतरे को कम करने के लिए क्रॉस-कंटेमिनेशन के बचें। कच्चे चिकन को एक अलग कंटेनर में रखें और इसके संपर्क में आने वाली सभी सतहों को साफ करें। साथ ही कच्चे मांस को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धो लें।
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