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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शादी के बाद पहली होली ससुराल में क्यों नहीं खेलती बहू? एक नहीं कई वजहों से प्रचलन में है ये प्रथा

Published: Tue, 11 Mar 2025 06:54 PM (IST)

रंगों का त्योहार होली (Holi 2025 ) हर किसी के लिए बेहद खास होता है। खासकर शादी के बाद इस ...और पढ़ें

शादी के क्यों क्यों ससुराल में नहीं मनाते हैं पहली होली? (Picture Credit- Freepik/AI)
शादी के क्यों क्यों ससुराल में नहीं मनाते हैं पहली होली? (Picture Credit- Freepik/AI)

HighLights

  1. होली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है।
  2. इस त्योहार को लेकर देश में कई मान्यताएं प्रचलित हैं।
  3. कहा जाता है कि शादी के बाद पहली होली ससुराल नहीं मनाई जाती है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पूरे देश में इस समय होली के त्योहार की तैयारियां जोरों-शोरो से चल रही है। रंगों का यह त्योहार हर साल देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे रंगों के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाता है। यह पर्व हर साल फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाता है। इसी क्रम में इस साल 14 मार्च को होली मनाई जाएगी।

यह त्योहार कई मायने में बेहद खास जाना है। हर किसी के लिए इस पर्व अपना महत्व होता है। साथ ही इसे लेकर अलग-अलग जगहों और लोगों की कई मान्यताएं और परंपराएं (Holi rituals 2025) भी होती हैं। इन्हीं एक शादी के बाद ससुराल में होली न मनाने (newlywed bride holi Rituals) की प्रथा है। यह मान्यता देश के कई हिस्सों में देखने को मिलती है, जहां शादी के बाद पहली होली (first Holi after marriage) पर लड़की को मायके  भेज दिया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे इस मान्यता के पीछे कारण-

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क्यों ससुराल में नहीं मनाते पहली होली?

शादी के बाद ससुराल में पहली होली मनाने को लेकर कई तरह की मान्यताएं और धारणाएं हैं। शादी के बाद ससुराल में पहली होली न मनाने के पीछे भी ऐसी ही कुछ मान्यताएं हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर बहू शादी के बाद अपनी पहली होली ससुराल में मनाती हैं, तो यह बेहद अशुभ होता है। खासकर उत्तर भारत में यह प्रथा काफी चलन में है और इसलिए शादी के बाद पहली होली पर यहां बहू को उसके मायके भेज दिया जाता है।

रिश्तों में आती है खटास

धार्मिक मान्यताओं की मानें, तो शादी के बाद अगर सास और बहू साथ में होलिका दहन देखती हैं, तो इससे उनके रिश्तों में खटास आती है और उनके बीच हमेशा तनाव रहता है। इसलिए शादी के बाद पहली होली पर बहू को उसके मायके भेज दिया जाता है, ताकि सास-बहू के रिश्तों में टकराव की जगह स्नेह बना रहे।

यह भी है मान्यता

पहली होली ससुराल में न मनाने के पीछे और भी कई मान्यताएं हैं। ऐसी ही एक मान्यता के मुताबिक कहा जाता है कि अगर लड़की शादी के बाद पहली होली पर ससुराल में रहती हैं, तो इससे घर में कलह होता है और आपसी संबंधों में भी मनमुटाव आता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि शादी के बाद अगर लड़का अपने ससुराल में पत्नी के साथ होली मनाता है, तो इससे रिश्ते में प्यार बढ़ता है

यह भी एक कारण

इस प्रथा के पीछे एक और वजह छिपी हुई है। दरअसल, शादी के बाद अक्सर बहू को ससुराल में कई तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। साथ ही अपनी मर्यादाओं का भी ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में सबके सामने पति के साथ होली खेलना काफी असहज हो सकता है। इसलिए पहली होली पर लड़की ससुराल जाती है, तो वहां पति के साथ होली का आनंद ले सकती है।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना, मान्यताओं और धारणाओं पर आधारित हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया इन बातों का समर्थन नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।