Bra और Panty पर क्यों बना होता है 'बो'? बेकार नहीं, बड़ी दिलचस्प है इसके पीछे की असली वजह
महिलाओं की ब्रा और पैंटी पर लगे छोटे बो या रिबन सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि इतिहास और स्मार्ट डिजाइन का हिस्सा हैं। पहले ये कॉर्सेट को बांधने और ब्रा को सामने से पहनने में मदद करते थे, जब इलास्टिक नहीं होती थी। ये अंधेरे में उल्टा-सीधा पहचानने में भी सहायक थे। आज ये एक स्टाइल स्टेटमेंट बन गए हैं।

महिलाओं की ब्रा-पैंटी में बो क्यों बना होता है Image Credit- Freepik
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। समय के साथ फैशन की दुनिया में काफी बदलाव आ चुके हैं। पुराने जमाने के पहनावे और अभी के समय में काफी कुछ बदल गया है। अब ज्यादातर लोगों को शॉर्ट ड्रेसेस पहनना ज्यादा अच्छा लगता है। हालांकि, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि पुराने जमाने का फैशन गायब हो चुका है। कभी भी पुराने समय की ड्रेसेस ट्रेंडिंग में आ जाती है। हालांकि, एक चीज जो पहले से लेकर अभी तक कॉमन है, वो है महिलाओं की ब्रा और पैंटी के आगे बना बो और रिबन।
लेकिन क्या कभी भी आपके मन में ये सवाल आया है कि ब्रा या पैंटी पर लगे वो छोटे-छोटे रिबन और बो का काम क्या है? क्या ये सिर्फ उन्हें अच्छा दिखाने के लिए लगाए जाते हैं या फिर इसके पीछे भी कोई कहानी छिपी है? अक्सर हम इन्हें एक क्यूट एक्सेसरी मानकर इग्नोर मार देते हैं। लेकिन इसकी सच्चाई कुछ ज्यादा ही दिलचस्प है। ये रिबन सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और स्मार्ट डिजाइन का मेल हैं।
आज बन गया फैशन स्टेटमेंट
आपको बता दें कि पुराने जमाने में ये ट्रिक बहुत काम आती थी। ये आज धीरे-धीरे एक स्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी है। अगर आप भी अभी तक इसका मतलब नहीं जानते थे तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़िएगा। आज हम आपको ब्रा और पैंटी पर लगे रिबन और बो का किस्सा बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से -
पहले महिलाएं पहनती थीं कॉर्सेट
दरअसल, पुराने जमाने में जब महिलाएं कॉर्सेट पहनती थीं, तब उसके सामने के हिस्से में व्हेल की हड्डी से बना एक कठोर टुकड़ा लगाया जाता था। इसे बस्क कहा जाता था। यह बस्क कॉर्सेट को आकार देने और शरीर को सीधा रखने में मदद करता था। इसे कसकर बांधने के लिए सामने की ओर एक बो (ribbon bow) लगाया जाता था।
कॉर्सेट की याद में लगाया जाता है रिबन
समय के साथ जैसे-जैसे बस्क का चलन खत्म हुआ, वैसे ही उसकी जरूरत भी नहीं रही। लेकिन खास बात ये रही कि उस बो का डिजाइन आज भी महिलाओं के अंडरगारमेंट्स में स्टाइल देने का काम कर रहा है। दरअसल, कॉर्सेट की याद में ही ब्रा और पैंटी पर ये बो बनाया जाता है।
पहले ब्रा में नहीं लगे होते थे इलास्टिक
इसके पीछे एक और कहानी बताई जाती है। 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत में जब ब्रा में हुक्स और इलास्टिक नहीं लगी होती थी तो महिलाओं को ब्रा को सामने से बांधना पड़ता था। उस समय ब्रा के बीच में एक छोटा सा रिबन या बो लगाया जाता था, जिससे यह पता चल सके कि ब्रा का बीच का हिस्सा कहां है, इससे पहनने में आसानी होती थी।
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उल्टा सीधा पहचानने में होती थी आसानी
वहीं दूसरा कारण ये भी है कि पुराने जामने में बिजली नहीं हुा करती थी। लोग मोमबत्ती या लालटेन जलाकर इन्हें पहनते थे। ऐसे में बो या रिबन लगे होने से इनका उल्टा सीधा पहचानने में आसानी होती थी। हालांकि ये अब फैशन स्टेटमेंट बनता जा रहा है।
ब्रेस्ट कैंसर के बारे में करता है जागरुक
ब्रा में बने इस साइन को जागरुकता के रूप में भी देखा जाता है। दरअसल, ये ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस का साइन भी है। ब्रा में इसका मौजूद होना जागरूकता के नजरिए से देखा जा सकता है। ये ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए जागरुक करने का काम करता है।
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