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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आपका शैम्पू ही तो नहीं रोक रहा बालों की ग्रोथ? चेक कर लें कहीं ये 5 Ingredients तो नहीं है शामिल

Published: Tue, 08 Jul 2025 02:23 PM (GMT+05:30)

आपके बाल भी झड़ने लगे हैं या डैमेज होते जा रहे हैं तो हो सकता है कि आपके शैम्पू में ...और पढ़ें

बालों को डैमेज कर देते हैं शैम्पू के ये इंग्रेडिएंट्स (Picture Courtesy: Freepik)
बालों को डैमेज कर देते हैं शैम्पू के ये इंग्रेडिएंट्स (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. कुछ इंग्रेडिएंट्स बालों को नुकसान पहुंचाते हैं
  2. कई शैम्पू में भी ये इंग्रेडिएंट्स मौजूद होते हैं
  3. इनके कारण बाल कमजोर और रूखे हो जाते हैं

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बालों का झड़ना और ग्रोथ रुकना आजकल एक आम समस्या बन गई है। हम अक्सर इसे पोषण की कमी, तनाव या जेनेटिक कारणों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शैम्पू में मौजूद केमिकल्स (Harmful Ingredients in Shampoo) भी इसकी वजह हो सकते हैं?

जी हां, हमारे शैम्पू में ऐसे हानिकारक इंग्रेडिएंट्स होते हैं, जो बालों को नुकसान पहुंचाते हैं और उनकी ग्रोथ को रोकते हैं। इसलिए आप भी अपने शैम्पू में जरूर चेक कर लें कि कहीं ये हानिकारक इंग्रेडिएंट्स तो नहीं है। आइए जानते हैं कि किन इंग्रेडिएंट्स से बचना चाहिए और क्यों।

सल्फेट्स

सल्फेट्स शैम्पू में मौजूद हार्ष क्लेंजिंग एजेंट होते हैं, जो बालों से गंदगी और तेल को साफ करते हैं, लेकिन साथ ही ये बालों की नेचुरल नमी को भी छीन लेते हैं। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं, जिससे टूटने और झड़ने की समस्या बढ़ती है। अगर आपके बाल पहले से ही ड्राई या डैमेज्ड हैं, तो सल्फेट-फ्री शैम्पू का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।

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पैराबिन

पैराबिन्स प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक खराब होने से बचाते हैं। हालांकि, ये हार्मोनल इंबैलेंस पैदा कर सकते हैं और बालों के फॉलिकल्स को कमजोर करते हैं। साथ ही, पैराबिन्स स्कैल्प इरिटेशन और हेयर लॉस का भी कारण बन सकते हैं। इसलिए पैराबिन-फ्री शैम्पू और कंडीशनर चुनना ही बालों के लिए फायदेमंद है।

सिलिकॉन

सिलिकॉन बालों को चमकदार और स्मूथ बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह बालों और स्कैल्प पर एक परत जमा देता है, जिससे बाल भारी हो जाते हैं और सांस नहीं ले पाते। लंबे समय तक सिलिकॉन वाले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बालों की ग्रोथ रुक सकती है और डैंड्रफ की समस्या भी बढ़ सकती है। अगर आप सिलिकॉन का इस्तेमाल करते हैं, तो क्लैरीफाइंग शैम्पू से समय-समय पर बालों को डिटॉक्स करना जरूरी है।

आर्टिफिशियल फ्रेग्रेंस

कई शैम्पू और कंडीशनर में मिलावटी खुशबू के लिए आर्टिफिशियल फ्रेग्रेंस का इस्तेमाल किया जाता है, जो स्कैल्प के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ये केमिकल्स स्किन इरिटेशन, एलर्जी और यहां तक कि हेयर फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप बालों को खुशबूदार बनाना चाहते हैं, तो नेचुरल एसेंशियल ऑयल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अल्कोहल

कुछ हेयर प्रोडक्ट्स में अल्कोहल होता है, जो बालों को ड्राई और बेजान बना देता है। यह बालों की नमी को सोख लेता है, जिससे बाल रूखे और फ्रिजी हो जाते हैं। इसलिए शैम्पू लेते वक्त चेक कर लें कि कहीं उसमें अल्कोहल तो नहीं है।

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