यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सड़क दुर्घटना में चाईबासा के ठेकेदार की मौत; 'सुबह ही 'मदर्स डे' की बधाई दी और...', कहकर बेसुध हो जा रही मां
चाईबासा-हाता मार्ग पर आयता गांव के पास सड़क दुर्घटना में चाईबासा के ठेकेदार आशुतोष कुमार की मौत हो गई। उनके ...और पढ़ें

HighLights
- चारों युवक किसी काम से जा रहे थे चालियामा, आयता गाांव के पास हुआ दर्दनाक हादसा
- एक युवक की हालत गंभीर, बेहतर उपचार के लिए भेजा गया जमशेदपुर के टीएमएच
संवाद सहयोगी, चाईबासा। राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 220 अंतर्गत चाईबासा-हाता मार्ग पर आयता गांव के पास हुई सड़क दुर्घटना में चाईबासा के गांधी टोला निवासी 30 वर्षीय आशुतोष कुमार की मौत हो गई।
इस हादसे में उसके तीन साथी भी बुरी तरह जख्मी हुए हैं। उनके से एक को गंभीर अवस्था में जमशेदपुर भेजा गया है। आशुतोष पेशे से संवेदक था। पेयजल विभाग की योजनाओं में ठेकेदारी करता था।
रविवार को दोपहर चार बजे आशुतोष अपने तीन दोस्त पंकज कुमार साव, प्रिंस कुमार व शंकर कुमार के साथ चाईबासा से स्कॉर्पियो में कुजू के चालियामा किसी कार्य से जा रहा था।
इसी दौरान आयता गांव के पास एक मोटरसाइकिल सवार को बचाने के चक्कर में आशुतोष कुमार ने अचानक ब्रेक लगा दिया। स्कॉर्पियो की गति तेज होने के कारण सड़क पर ही तीन-चार बार पलट गई, जिससे आशुतोष कुमार को सिर में चोट लगने के कारण घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

अस्पताल में लगी लोगों की भीड़।
जबकि अन्य तीन युवक वाहन में ही फंसे रह गये। सड़क दुर्घटना को देखते हुए स्थानीय युवकों ने तत्काल ही दूसरे वाहनों की मदद से चारों को सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद आशुतोष की मौत की पुष्टि की।
पंकज कुमार साव को सीना और सिर में चोट लगने की वजह से बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया गया। प्रिंस कुमार और शंकर कुमार का इलाज चाईबासा सदर अस्पताल में चल रहा है।
मां बोली, सुबह मदर्स डे बोला और शाम को बेटे का देख रही हूं शव
सड़क दुर्घटना में आशुतोष की मौत की जानकारी होते ही परिवार के सदस्य, दोस्त और मोहल्ले के लोगों की सदर अस्पताल में भीड़ जमा हो गई। आशुतोष की मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
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मृतक आशुतोष कुमार। (जागरण)
उनकी मां रो-रोकर कह रही थी कि सुबह ही मदर्स डे की बधाई दी और शाम में बेटे की लाश देखने को मिल रहा है, यह भगवान का कैसा इंसाफ है, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।
बताया जा रहा है कि आशुतोष कुमार काफी मिलनसार किस्म का युवक था। गांधी टोला समेत शहर में अच्छी पहचान बना कर रखी थी। दो साल पूर्व ही उनके पिताजी का भी निधन हो गया था।
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