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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Election: '...तो सरना धर्म कोड होगा लागू', हिमंत बिस्व सरमा का झारखंड में बड़ा एलान; सियासी पारा हाई

Published: Wed, 30 Oct 2024 09:02 PM (IST)

असम के मुख्यमंत्री और झारखंड प्रदेश भाजपा सह प्रभारी हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि भाजपा की सरकार बनते ...और पढ़ें

हिमंत बिस्व सरमा का झारखंड में बड़ा एलान; सियासी पारा हाई (फाइल फोटो- ANI)
हिमंत बिस्व सरमा का झारखंड में बड़ा एलान; सियासी पारा हाई (फाइल फोटो- ANI)

जागरण संवाददाता, चाईबासा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारी बैठक करने पहुंचे असम के मुख्यमंत्री व झारखंड प्रदेश भाजपा सह प्रभारी हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि इस बार पूरे झारखंड में विशेष नजर कोल्हान पर है। कोल्हान हर हाल में जीतना है, कोल्हान की सभी सीटों पर भाजपा गठबंधन की स्थिति बहुत अच्छी है।

उन्होंने कहा कि दूसरे दल के बड़े नेता हमारे साथ खड़े हैं। कुछ नाराज नेताओं को मना लिया गया है। इसमें जगन्नाथपुर से मंगल गिलुवा, जयपाल, गुरुचरण नायक ने नाम वापसी कर लिया है, इसलिए झारखंड में भाजपा की सरकार कोल्हान के सहयोग से ही बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार नवंबर को टाटा कॉलेज मैदान चाईबासा में चुनावी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस बार बदलाव जरूर होगा।

उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री आपसे अपील करने आते हैं। जनता को बदलाव लाना है, प्रधानमंत्री सेवक है जनता मालिक है। भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री शपथ लेने के पहले दिन ही एसीजीएल का परीक्षा रद्द करेगा व गोगो दीदी योजना शुरु करेगें। राज्य में भाजपा मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं ला रही है। जिस प्रकार ओडिशा में चुनाव जीतने के बाद मोहन माझी को मुख्यमंत्री बनाया। उसी प्रकार झारखंड में चुनाव जीतने के बाद तत्काल मुख्यमंत्री चुन कर आपकी सेवा में लगाया जायेगा।

एक सवाल के जवाब में हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि आठवीं अनुसूची में हो भाषा को दर्जा देने के लिए भारत सरकार गंभीर है और जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। पिछले दिनों ही गृहमंत्री के साथ आदिवासी भाईयों की मुलाकात हुई है। सरना धर्म कोड को खत्म करने वाली पार्टी कांग्रेस है। झारखंड में भाजपा की सरकार बनते ही सरना धर्म कोड को भी लागू कर दिया जाएगा।

'आलमगीर आलम और इरफान अंसारी जैसे नेता...'

बहरागोड़ा में हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि झारखंड की राजनीति धीरे-धीरे घुसपैठियों के हाथ में जा रही है, मगर राज्य की झामुमो सरकार घुसपैठियों के खिलाफ कुछ नहीं कर रही है। संथाल परगना में भारी संख्या में दाखिल हो चुके घुसपैठियों ने वहां का सामाजिक वातावरण खराब कर दिया है। झारखंड में भाजपा की सरकार बनते ही बांग्लादेश से आए इन घुसपैठियों को कानून बनाकर निकाल बाहर किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि झारखंड घुसपैठियों के लिए नहीं बना है, लेकिन यहां दिनोंदिन हिंदुओं व आदिवासियों की संख्या घटती जा रही है। आलमगीर आलम और इरफान अंसारी जैसे नेता घुसपैठियों को बढ़ावा दे रहे हैं। म‌इयां सम्मान योजना के बारे में हिमंता ने कहा कि 5 साल तक कुछ नहीं करने वाली हेमंत सरकार ने चुनाव के 3 महीना पहले महिलाओं के खाते में 1000 रु भेजना शुरू कर दिया। इसके साथ ही बुजुर्गों को मिलने वाला वृद्धावस्था पेंशन को बंद कर दिया गया।

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