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    Jharkhand News: वक्फ बिल पर कांग्रेस नेता की भाजपा को खुली चुनौती, कहा- बिहार चुनाव से पहले ये करके दिखाओ

    वक्फ संशोधन बिल को लेकर झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इस बिल को मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीनने वाला बताया। साथ ही कहा कि अगर भाजपा को मुस्लिम महिलाओं की इतनी चिंता है तो आगामी बिहार चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत और उसमें से 10 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं को उम्मीदवार बनाएं।

    By Manoj Singh Edited By: Divya Agnihotri Updated: Sat, 05 Apr 2025 09:07 AM (IST)
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    वक्फ संशोधन बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला : शिल्पी नेहा तिर्की

    राज्य ब्यूरो, रांची। वक्फ संशोधन बिल को लेकर राज्य सरकार की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि वक्फ बिल में संशोधन देश के 27 प्रतिशत मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध के अधिकारों पर सीधा हमला है।

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    मुस्लिम समुदाय का अधिकार छीना गया

    विधेयक के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीना गया है। संविधान के अनुच्छेद 14, 25 एवं 30 के अनुसार अल्पसंख्यकों को अपनी संपत्तियों के स्वामित्व का प्रबंधन, धर्म का प्रचार प्रसार करने का अधिकार हैं। वक्फ बिल संशोधन के मामले में भाजपा देश के सामने सिर्फ झूठ परोस रही है।

    भाजपा बिल में संशोधन के पक्ष में मुस्लिम सशक्तीकरण की बात करती है, लेकिन हर कोई जानता है कि भाजपा मुसलमानों की हितैषी नहीं है। भाजपा संशोधन के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देने की बात करती है, लेकिन सच्चाई है कि मुस्लिम महिलाओं को भाजपा हमेशा नीचा दिखाया है।

    बिहार चुनाव में मुस्लिम महिलाओं को उम्मीदवार बनाए बीजेपी :शिल्पी नेहा तिर्की

    मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि उनके दल में कितनी मुस्लिम महिला सांसद या विधायक हैं। अगर भाजपा को मुस्लिम महिलाओं की इतनी चिंता है तो आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत और उसमें से 10 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं को उम्मीदवार बनाएं।

    सीएनटी-एसपीटी एक्ट बदलने की हुई कोशिश

    मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा का दावा है कि इससे आदिवासियों की जमीनों का संरक्षण होगा, जबकि 2014 में भाजपा सरकार ने लैंड बैंक बनाकर आदिवासियों का सरना, मसना, हड़गड़ी और गैरमजरूआ आम जमीन को उसमें डाल दिया।

    भाजपा के शासनकाल में सीएनटी-एसपीटी एक्ट को बदलने की कोशिश की गई। झारखंड भाजपा के सभी बड़े नेता आरएसएस के नागपुर मुख्यालय से आए निर्देशों को ही मीडिया के सामने पढ़ते हैं। इनकी अपनी कोई सोच नहीं है।

    कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू ने कहा कि भाजपा दोहरी बातें करती हैं। भाजपा इस विधेयक को आदिवासियों के जमीनों का संरक्षक बताती है, जबकि झारखंड में आदिवासियों की जमीन पहले से ही सीएनटी-एसपीटी एक्ट के माध्यम से संरक्षित है।

    कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि रघुवर दास आदिवासी पहचान की रक्षा नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह अतीत में खुद के द्वारा किए गए आदिवासी विरोधी कार्यों को लोगों के दिमाग से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

    अगर रघुवर दास आदिवासी भूमि की रक्षा के हितैषी हैं तो उन्हें यह बताना चाहिए कि भाजपा ने अपने शासित राज्यों में भूमि संरक्षण कानून को कमजोर करने का प्रयास क्यों किया।

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