विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Waqf Bill पर JDU के अल्पसंख्यक नेता पार्टी दफ्तर में करेंगे बात, लालू ने की कोर्ट जाने की तैयारी?

Published: Sat, 05 Apr 2025 07:00 AM (IST)

संसद में वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में जदयू के वोट के बाद पार्टी के अल्पसंख्यक नेता खासकर मुस्लिम नेता ...और पढ़ें

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार के सीएम नीतीश कुमार। फाइल फोटो
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार के सीएम नीतीश कुमार। फाइल फोटो

HighLights

  1. जदयू के मुस्लिम नेताओं ने वक्फ संशोधन बिल पर अपनी राय देने का फैसला किया, जबकि कुछ नेता पार्टी छोड़ने की बात कर रहे हैं।
  2. जदयू का कहना है कि पार्टी के अंदर वक्फ बिल पर कोई अंतर्विरोध नहीं है, और नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज के लिए कई कदम उठाए हैं।
  3. राजद ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी दी और इसे संविधान के खिलाफ बताया।

राज्य ब्यूरो, पटना। संसद व राज्यसभा में जदयू द्वारा वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) के समर्थन में मतदान पर जदयू के अल्पसंख्यक समाज खासकर मुस्लिम नेता शनिवार को अपनी राय रखेंगे। इनमें वे नेता भी शामिल हैं जो वक्फ बिल के विरोध में बयानबाजी कर रहे थे।

शुक्रवार को यह खबर आयी कि जदयू के कुछ नेता पार्टी के स्टैंड से क्षुब्ध हो दल को छोड़ दिया। इस संबंध में जदयू के पदाधिकारी व विधान पार्षद ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ने की बात कर रहे उनमें तो कई उनके दल में हैं भी नहीं। काफी पहले दूसरी जगह जा चुके हैं।

'पार्टी के अंदर अंतर्विरोध नहीं'

जदयू का कहना है कि वक्फ बिल के मसले पर पार्टी के अंदर किसी तरह का अंतर्विरोध नहीं है। नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज के लोगों के लिए जो काम किया है वह सभी को पता है। उनकी सुरक्षा पर भी वह लगातार काम करते रहे हैं। वक्फ बिल में क्या है यह जाने बिना कुछ लोग उग्र हैं।

जदयू ने इस विषय पर अपने सभी मुस्लिम नेताओं विधान पार्षदों, पूर्व विधान पार्षदों, पूर्व सांसद व पदाधिकारियों को पूरी स्थिति स्पष्ट सार्वजनिक रूप से रखने को कहा है।

वक्फ विधेयक के विरुद्ध न्यायालय भी जा सकता है राजद

दूसरी ओर, वक्फ संशोधन विधेयक के विरुद्ध सड़क से लेकर संसद तक राजद मुखर रहा है। शुक्रवार को प्रेस-वार्ता कर पार्टी नेताओं ने कहा कि इस विधेयक के विरुद्ध राजद न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा सकता है।

पार्टी की प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव और प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि इस प्रकरण को राजद लीगल प्लेटफॉर्म पर ले जाएगा और किसी भी हालत में इस विधेयक को प्रभावी नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा, यह विधेयक संविधानिक व्यवस्था के विरुद्ध है और एक वर्ग को निशाने पर रखने का उपक्रम है। बिहार सरकार का सेक्युलर चेहरा कभी रहा ही नहीं। सत्ता और स्वार्थ समझौता है। वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर भाजपा के साथ खड़ा होकर जदयू ने इसे स्पष्ट कर दिया है। हालांकि, इससे जदयू के अंदर बेचैनी और विद्रोह की स्थिति बन आई है। यह नाराजगी एक बड़े विस्फोट के रूप में देखने को मिलेगी।

इसी के साथ दोनों नेताओं ने तरिणी दास का हवाला देते हुए बिहार में भ्रष्टाचार के बढ़ने और सरकार के मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। प्रेस-वार्ता में उपेंद्र चंद्रवंशी और गणेश कुमार यादव भी उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें- Bihar Politics: वक्फ संशोधन बिल को लेकर जदयू में बगावत, नीतीश कुमार को लगा पांचवां झटका

ये भी पढ़ें- Bihar: 'तुम मुसलमानों की भूमि हड़पना चाहते हो, लेकिन...'; वक्फ संशोधन बिल पर ये क्या बोल गए लालू