रांची क्राइम 2025: सुखदेव नगर और सदर थाना में मुकदमों की झड़ी, सबसे व्यस्त डेली मार्केट थाना में सबसे कम प्राथमिकी
Ranchi 2025 की आपराधिक रिपोर्ट दर्शाती है कि सुखदेव नगर थाना में सर्वाधिक 664 मामले दर्ज हुए, जबकि सदर थाना दूसरे स्थान पर रहा। साइबर अपराध एक बड़ी चु ...और पढ़ें

शहर के व्यस्त इलाकों में शुमार डेली मार्केट थाना में सबसे कम केवल 48 प्राथमिकी दर्ज हुईं।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची में वर्ष 2025 के दौरान दर्ज आपराधिक मामलों के आंकड़े शहर में अपराध के बदलते स्वरूप की ओर इशारा करते हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पूरे वर्ष में राजधानी के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की संख्या में बड़ा अंतर देखा गया है।
जहां कुछ इलाके पारंपरिक अपराधों के केंद्र बने रहे, वहीं डिजिटल दुनिया से जुड़े अपराध अब पुलिस प्रशासन के लिए एक नई और गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं।
सुखदेव नगर में सर्वाधिक मामले: पारिवारिक विवाद और चोरी प्रमुख
पुलिस रिकॉर्ड के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि पूरे वर्ष में सबसे अधिक 664 प्राथमिकी सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में दर्ज की गई। यह इलाका अपराध के मामलों में जिले में पहले स्थान पर रहा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुखदेव नगर एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां सामाजिक और भौगोलिक कारणों से अपराध की प्रकृति अलग दिखती है। यहां बड़ी संख्या में पारिवारिक विवादों से जुड़े मामले थाने पहुंचे।
इसके साथ ही, अधिक आवागमन और भीड़भाड़ के कारण बाइक चोरी की घटनाएं भी यहां पुलिस के लिए सिरदर्द बनी रहीं। आपसी झगड़े और संपत्ति से जुड़े विवादों ने भी यहां के आंकड़ों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
सदर थाना की स्थिति: व्यावसायिक हलचल और बढ़ता क्राइम ग्राफ
अपराध के आंकड़ों में दूसरे स्थान पर सदर थाना रहा, जहां वर्ष 2025 में कुल 632 प्राथमिकी दर्ज की गईं। सदर थाना क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और वहां की व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहां मारपीट, आपसी रंजिश और छोटे-मोटे आपराधिक मामलों की संख्या अधिक रही।
पुलिस का मानना है कि इस क्षेत्र में भी पारिवारिक विवाद और बाइक चोरी के मामले प्रमुखता से सामने आए। शहरी विस्तार और बढ़ती आबादी के बीच इस इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए निरंतर एक कठिन कार्य बना हुआ है।
साइबर अपराध: अपराधियों का नया और सुरक्षित ठिकाना
वर्ष 2025 में पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। साइबर थाना में दर्ज कुल 364 प्राथमिकियां इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधी अब शारीरिक हिंसा के बजाय डिजिटल सेंधमारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक भेजकर बैंक खाते साफ करना और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई।
बड़ी संख्या में लोग नौकरी का झांसा, निवेश के नाम पर लालच और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियों के कारण अपराधियों के निशाने पर आए। पुलिस अब इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए विशेष सेमिनार और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को जागरूक करने पर जोर दे रही है।
डेली मार्केट थाना: सबसे कम मुकदमों वाला क्षेत्र
एक तरफ जहां सुखदेव नगर और सदर थाना में एफआईआर की संख्या सैकड़ों में रही, वहीं डेली मार्केट थाना क्षेत्र में सबसे कम 48 प्राथमिकी दर्ज हुईं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस थाने के अंतर्गत आने वाला भौगोलिक क्षेत्र काफी छोटा है, जिसके कारण यहां तुलनात्मक रूप से कम मामले सामने आते हैं। कम मुकदमे दर्ज होना इस इलाके की पुलिसिंग और छोटे क्षेत्र के प्रभाव को दर्शाता है।
कुल मिलाकर वर्ष 2025 के आंकड़े यह संदेश देते हैं कि पुलिस प्रशासन के सामने जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पारंपरिक चुनौती है, वहीं आम लोगों के लिए डिजिटल दुनिया में सतर्क और जागरूक रहना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।

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