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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ranchi Road Accident: बेटी ने दी मां को मुखाग्नि, हरमू में एक ही घर के तीन लोगों का किया गया अंतिम संस्कार

Published: Mon, 11 Aug 2025 10:23 PM (IST)

रांची के हरमू में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। इस ...और पढ़ें

रांची सड़क हादसे में मृत दो बच्चियों और महिला का किया गया अंतिम संस्कार। (जागरण)
रांची सड़क हादसे में मृत दो बच्चियों और महिला का किया गया अंतिम संस्कार। (जागरण)

HighLights

  1. हरमू में सड़क हादसे में तीन की मौत |
  2. एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल |
  3. मंत्री ने लापरवाह चालकों पर कार्रवाई की बात कही |

जागरण संवाददाता, रांची। हरमू बीजेपी कार्यालय के पास हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली।

सोमवार को हरमू मुक्त धाम में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया।

तीनों शव जब किशोरगंज स्थित न्यू आनंद नगर मुहल्ले से निकले, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। हर घर की आंखें नम थीं और शोक की चादर पूरे मोहल्ले में फैली हुई थी।

'इतना बड़ा दुख, किसी के साथ न हो'

लोगों की जुबान पर बस एक ही बात थी, इतना बड़ा दुख, किसी के साथ न हो। पोस्टमार्टम के बाद रिसिका मंडल के शव को रातु स्थित उनके आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में लोग जुटे।

इसके बाद शव को हरमू मुक्त धाम ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुक्तिधाम में तीनों शवों की विधिपूर्वक अंतिम संस्कार की तैयारी की गई थी।

हर एक शव को अग्नि देने का कार्य उनके परिजनों ने किया। किरण देवी को उनकी बेटी नूतन देवी ने मुखाग्नि दी। नूतन देवी के पिता का पहले ही निधन हो चुका था, इस कारण पुत्री ने ही ये जिम्मेदारी निभाई।

पूर्वी कुमारी को उनके पिता ने अंतिम अग्नि दी। वहीं, रिसिका मंडल को उनके पति बिनोद कुमार मंडल ने मुखाग्नि दी।

अरगोड़ा में तीन लोगों की मौत के मामले में मंत्री ने किया पोस्ट

झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने अरगोड़ा इलाके में दो बच्ची और एक महिला की मौत हो जाने के मामले में एक्स पर पोस्ट किया है।

मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा है कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। किसे पता था कि एक लापरवाह चालक की वजह से ऐसे मुत्यु होगी। नशा नाश करता है। जरुरत से ज्यादा गति क्षति का मुख्य कारण बनती है।

पूरे परिवार के साथ संवेदनाएं हैं। वाहन चालकों को सलाह है कि नशे और गति पर अगर नियंत्रण नहीं तो वाहन नहीं चलाएं और संदेश है कि अब ऐसे मामलों में हमेशा के लिए वाहन और वाहन चलाक का लाइसेंस कैंसिल होगा। न्यायालय द्वारा जो दंड और सजा का प्रावधान होगा वह अलग होगा।

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