Jharkhand Politics: 'याचना नहीं रण होगा; आगे संग्राम...', झामुमो ने केंद्र को दिया चार महीने का अल्टीमेटम
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार को राज्य के बकाया और अधिकारों के लिए चार महीने का समय दिया है। महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन होगा। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पीएम मोदी की उम्र को लेकर भी तंज कसा। रघुवर दास को आदिवासी मुद्दों पर बोलने का हक नहीं है। शिबू सोरेन खतरे से बाहर हैं।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार को झारखंड के बकाया और हक-अधिकारों के लिए चार महीने का समय दिया है। पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए हमला बोला।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हेमंत सरकार ने झारखंड की मांगें रखीं, लेकिन केंद्र को निर्णय लेने में समय लग सकता है।
सुप्रियो की केंद्र सरकार को चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चार महीने में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो याचना नहीं, रण होगा, संग्राम भीषण होगा। सुप्रियो ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पीएम नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि भागवत का 75 वर्ष की उम्र 11 सितंबर और नरेन्द्र मोदी की 17 सितंबर को पूरी होगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि आरएसएस की 75 वर्ष में रिटायरमेंट नीति के तहत कौन किसे शॉल ओढ़ाकर विदा करेगा? उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी को मार्गदर्शक मंडल में भेजने और 80 वर्षीय जीतन राम मांझी को केंद्रीय मंत्री बनाने पर आरएसएस और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए।
आदिवासियों पर रघुवर को बोलने का हक नहीं- सुप्रियो
पूर्व सीएम रघुवर दास के पेसा कानून पर गांव-चौपाल में बयानबाजी को सुप्रियो ने डुगडुगी बजाना करार दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी मुद्दों पर रघुवर को बोलने का हक नहीं है और उनकी सभाओं में भीड़ की संख्या पर सवाल उठाए।
सुप्रियो ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन फिलहाल खतरे से बाहर हैं, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा। चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
यह भी पढ़ें- Jharkhand Politics: पेसा कानून को लेकर कांग्रेस में दरार, बंधु और फुरकान के बीच तीखी बहस
यह भी पढ़ें- Jharkhand News: एपीपी नियुक्ति में उम्र सीमा की छूट पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।