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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maiya Samman Yojana: मंईयां सम्मान योजना के लिए सरकार के पास पैसों की कमी? हेमंत सोरेन ने बताई सच्चाई

Published: Tue, 28 Jan 2025 08:49 PM (IST)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंईयां सम्मान योजना को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा है कि इस ...और पढ़ें

मंईयां सम्मान योजना के लिए सरकार के पास पैसों की कमी? हेमंत सोरेन ने बताई सच्चाई
मंईयां सम्मान योजना के लिए सरकार के पास पैसों की कमी? हेमंत सोरेन ने बताई सच्चाई

HighLights

  1. मंईयां योजना से किसी के ऊपर कोई बोझ नहीं आएगा : हेमंत
  2. जनता निर्भिक रहें, किसी पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालेंगे : सीएम
  3. अपने संसाधनों से ही इस योजना को पूरा करेंगे- हेमंत
  4. बजट पूर्व संगोष्ठी के दौरान बोले सीएम, अभी नींव को मजबूत करने का है वक्त

राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट पूर्व संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मंईयां सम्मान योजना को लेकर लोग कई तरह की बातें कर रहे हैं, लेकिन मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस योजना से कहीं किसी के ऊपर बोझ नहीं आएगा। राज्य सरकार अपने संसाधनों से इसके लिए आर्थिक प्रबंध करने की कोशिशों में जुटी है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार महिलाओं पर 25-26 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है, वहीं झारखंड में राज्य सरकार महिलाओं के ऊपर 15-16 हजार करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। यह कोई छोटी बात नहीं हैं। एक राज्य अपने बजट की इतनी बड़ी राशि से आधी आबादी के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है।

हर महिला को मिलते हैं 2500 रुपये

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार अपने आंतरिक संसाधनों के स्रोत को ही इस तरह से तलाशने की कोशिश करेंगे, जिससे मंईयां सम्मान योजना के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था हो सके। ज्ञात हो कि झारखंड में इस योजना के तहत महिलाओं और युवतियों को हर माह 2500 रुपये दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खनिज से देश की अर्थव्यवस्था निर्धारित होती है, लेकिन अपने राज्य के विकास के लिए संसाधनों की कमी होती है। इसके बावजूद सरकार ने हार नहीं मानी है। शिक्षा के क्षेत्र की बात हो, सड़क, बिजली, पानी को लेकर बड़े पैमाने पर काम हुए हैं।

उन्होंने कहा, हमें कोई भी कार्ययोजना बनानी हो ताे एक लंबी दूरी का संकल्प लेना चाहिए। पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्लानिंग करने की आवश्यकता है। नींव मजबूत होगा तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। कुछ समय बीतने पर बेहतर परिणाम भी देखने को मिलेगा।

रोजगार को लेकर हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। हमारी चिंता है कि लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार कैसे मुहैया कराया जाए। देश का सबसे बड़ा समूह युवा वर्ग कभी कभी मायूस दिखता है। इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना है। बजट में पैसे तो खर्च होंगे लेकिन इस खर्च के परिणाम पर भी फोकस करना होगा। आउटकम देखना होगा। हमको देखना होगा कि राशि खर्च करने से कितना लाभ मिला।

जिस दिन झारखंड आगे बढ़ गया, देश आगे बढ़ेगा : किशोर

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हमें प्राथमिकता तय कर आगे काम करना चाहिए। जिस दिन झारखंड आगे बढ़ गया उस दिन देश आगे बढ़ेगा। राजकोषीय घाटा की जो सीमा तय की गई है उस लीमिट से हम बहुत नीचे हैं। यह एक अच्छा वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण है।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि क्यों नहीं मिल रही : मुख्य सचिव

मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा कि हमें विचार करना होगा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं की पूरी राशि क्यों नहीं मिल रही है। बजट में इसे समाहित करना होगा। जब हम संसाधनों की वास्तविक उपलब्धता की बात करते हैं तो हमें वास्तविक खर्च की भी चर्चा करनी चाहिए।

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