Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    झारखंड हाईकोर्ट के जज की नियुक्ति से पहले विवाद, विरोध में उतरे वकील; नहीं लेंगे अदालती कार्य में भाग

    झारखंड हाईकोर्ट का जज बनाए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील के नाम की अनुशंसा किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने इसके विरोध में बुधवार को बैठक आयोजि की। इसमें फैसला लिया गया कि हाईकोर्ट के वकील चीफ जस्टिस सहित तीन जजों की कोर्ट से दूर रहेंगे। 10 मार्च को दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी।

    By Manoj Singh Edited By: Divya Agnihotri Updated: Thu, 06 Mar 2025 11:19 AM (IST)
    Hero Image
    झारखंड हाईकोर्ट के जज के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील का नाम देने पर विवाद

    राज्य ब्यूरो, रांची। हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील के नाम के झारखंड हाईकोर्ट का जज बनाए जाने की अनुशंसा भेजने का जोरदार विरोध किया है। बुधवार को एसोसिएशन की आमसभा में इस निमित्त बैठक हुई, जिसमें हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने गुरुवार से चीफ जस्टिस सहित तीन जजों की कोर्ट में न्यायिक कार्य के लिए नहीं का निर्णय लिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वकीलों ने लिया कोर्ट से दूर रहने का निर्णय

    वकील चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस आर मुखोपाध्याय की कोर्ट में नहीं जाएंगे। एसोसिएशन ने हाईकोर्ट की कोलेजियम से झारखंड हाईकोर्ट के वकीलों के नाम जजों के लिए नहीं भेजने के निर्णय का विरोध भी किया।

    एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पास कर कहा है कि इस निर्णय का विरोध करने वाले वकीलों की एडवोकेट एसोसिएशन से सदस्यता निरस्त कर दी जाएगी। इस बात से यह स्पष्ट हो जाता है कि आने वाले समय में भी वकीलों का विरोध जारी रहेगा। 

    दिल्ली जाएगा वकीलों का प्रतिनिधिमंडल

    बैठक में तय किया गया कि इन सब मामलों पर बात करने के लिए एसोसिएशन एक प्रतिनिधिमंडल का गठन करेगा, जो दिल्ली जाकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, केंद्रीय कानून मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और कोलेजियम के सदस्यों से मुलाकात करने की व्यवस्था करेगा।

    10 मार्च को होगी एसोसिएशन की अगली बैठक

    • एसोसिएशन की अगली बैठक दस मार्च को होगी, जिसमें प्रतिनिधिमंडल गठन करने के मामले में हुई प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना वर्तमान में उठाए गए कदम की समीक्षा की जाएगी।
    • इस दौरान हाई कोर्ट परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। विरोध के समर्थन में 400 अधिवक्ताओं ने उस पर हस्ताक्षर किया है। 10 मार्च को एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर वकीलों की बैठक आयोजित की जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील का नाम भेजने का विरोध

    बताया जा रहा है कि पटना हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज के पुत्र सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। झारखंड हाईकोर्ट की कोलेजियम ने उसका नाम जज बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को भेजा है। इसी का विरोध किया जा रहा है।

    एसोसिएशन ने अपने निर्णय में यह भी कहा गया है कि एसोसिएशन का हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले किसी का नाम जज के लिए भेजे जाने का विरोध नहीं है। अगर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले किसी वकील का नाम भेजा जाएगा तो हो सकता है वकील उस पर अपना समर्थन दें। 

    ये भी पढ़ें

    Jharkhand Assembly: 17 मार्च को स्थगित रहेगी विधानसभा की कार्यवाही, इस वजह से लिया गया फैसला

    Jamshedpur News: होली और रमजान में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट, बनाए गए 13 सुपर जोन