यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Assembly: 17 मार्च को स्थगित रहेगी विधानसभा की कार्यवाही, इस वजह से लिया गया फैसला
Jharkhand News In Hindi झारखंड विधानसभा में होली के त्योहार के मद्देनजर 17 मार्च को होने वाली कार्यवाही स्थगित रहेगी। ...और पढ़ें

HighLights
- स्पीकर के कक्ष में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक का निर्णय
- झारखंड विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय ब्लड डोनेशन कैंप किया जाने वाला है आयोजन
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा में होली के त्योहार के मद्देनजर 17 मार्च की कार्यवाही स्थगित रहेगी। पहले इस दिवस को कार्यवाही निर्धारित थी।
इस निमित्त निर्णय के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति मे स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो के कक्ष में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई।
तय किया गया कि होली के त्योहार के मद्देनजर सदस्यों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चलते बजट सत्र के 17 मार्च के कार्यदिवस को स्थगित करते हुए उस दिन होने वाली सदन में समस्त कार्यवाहियों को शनिवार, 22 मार्च को लिए जाने का निर्णय लिया गया।
तीन दिवसीय ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन
उधर, नागरमल मोदी सेवा सदन ब्लड सेंटर के तत्वाधान में झारखंड विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया जा रहा है। ब्लड डोनेशन कैंप में भारी संख्या में लोग रक्तदान कर रहे हैं।
बुधवार को स्पीकर के विशेष कार्य पदाधिकारी विवेक कुमार(JAS), स्टेट प्रोटोकॉल ऑफिसर राहुल कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा सहित अन्य लोगों ने रक्तदान किया।
कैबिनेट की बैठक 12 मार्च को
- झारखंड में हेमंत सोरेन कैबिनेट की बैठक बुधवार 12 मार्च को निर्धारित की गई है। मंत्रिमंडल समन्वय एवं निगरानी विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
- होली के पूर्व आयोजित इस बैठक को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरान कर्मियों और राज्य के लोगों को होली का उपहार देने से संबंधित कुछ निर्णय लिए जा सकते हैं।
स्पीकर की मनमानी के खिलाफ भाजपा ने वाकआउट : मरांडी
सदन से बुधवार को वाकआउट करने के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सदन को मनमाने ढंग से चलाना चाहते हैं।
सत्ता पक्ष को बोलने में तरजीह दी जाती और समय भी अधिक मिलता है। वहीं विपक्ष के सदस्य जब बोलने के लिए खड़ा होते हैं तो बार बार टोकाटोकी की जाती है।
भाजपा विधायक नीरा यादव जब सदन में बोल रही थी तो सत्तापक्ष के विधायकों ने टोका। कहा कि दुर्भाग्यजनक यह है कि आसन से उनको संरक्षण प्राप्त हुआ।
नीरा यादव ने जब स्पीकर से टोकाटोकी में बर्बाद समय के बदले समय की मांग की तो अध्यक्ष ने अस्वीकृत कर दिया।
यह पूरी तरह से मनमानी है। सत्तापक्ष के इशारे पर विपक्ष की बातों को दबाने की साजिश है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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