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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Politics: कौन बनेगा झारखंड BJP का 'कप्तान'? नए जातीय समूह को साधने की तैयारी

Published: Mon, 10 Mar 2025 06:50 PM (GMT+05:30)

भाजपा जल्द ही झारखंड के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करेगी। बाबूलाल मरांडी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद ...और पढ़ें

कौन बनेगा झारखंड BJP का 'कप्तान'? नए जातीय समूह को साधने की तैयारी
कौन बनेगा झारखंड BJP का 'कप्तान'? नए जातीय समूह को साधने की तैयारी

HighLights

  1. अब अध्यक्ष चुनने के लिए सक्रिय हुई भाजपा, नए जातीय समूह को साधने की तैयारी
  2. प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं संग सामाजिक समीकरण पर चर्चा करेंगे लक्ष्मीकांत वाजपेयी
  3. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री को देंगे रिपोर्ट, जल्द ही मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष

राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर बाबूलाल मरांडी के चयन के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय होना है। बाबूलाल मरांडी प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। भाजपा में एक व्यक्ति एक पद का नियम है। इसके अलावा, प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है।

भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में सामाजिक समीकरण के साथ नई पीढ़ी का नेतृत्व भी तैयार करने में लगा है। पार्टी इसबार प्रदेश अध्यक्ष के लिए ओबीसी समुदाय की किसी मजबूत जाति से नेता का चयन कर सकती है। ऐसे में प्रदेश संगठन प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी होली के बाद रांची आएंगे।

बड़े नेताओं से मिलेंगे वाजपेयी

वाजपेयी अपने दौरे में भाजपा के बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वो एक-दो जिलों का दौरा भी करेंगे। स्थानीय नेताओं से बातचीत के निष्कर्ष से लक्ष्मीकांत वाजपेयी भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को अवगत कराएंगे। नए नेता का नाम तय करने में पार्टी स्थानीय नेताओं की राय को भी महत्व देना चाहती है।

कुड़मी नेता को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

विधायक दल के नेता के तौर पर आदिवासी समाज के बाबूलाल मरांडी के चयन के बाद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के लिए ओबीसी समुदाय के नेता को जिम्मेदारी देना चाहती है। राज्य में वैश्य और महतो (कुड़मी) दो प्रमुख ओबीसी समुदाय है। इसके अलावा, यादव समाज भी है।

वैश्य समुदाय की दावेदारी कमजोर

बिहार में दिलीप जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद झारखंड में वैश्य समुदाय की दावेदारी कमजोर हो रही है। कोडरमा से सांसद अन्नपूर्णा देवी को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल कर यादव समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है। ऐसे में कुड़मी समाज के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

शिवराज ने विधानसभा चुनाव के दौरान कही थी ये बात

विधानसभा चुनाव के समय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि राज्य से कुड़मी समुदाय के नेता को केंद्रीय कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिलेगा।

भाजपा नेताओं का एक बड़ा वर्ग अपने ही कैडर से कुड़मी नेतृत्व को आगे लाने की वकालत कर रहा है। ऐसे में नया प्रदेश अध्यक्ष कुड़मी समुदाय से भी हो सकता है।

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