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    Jharkhand Mid Day Meal: मिड डे मील घोटले में कैसे हुआ एक अरब से अधिक रुपयोंं का बंटवारा, ED को मिली जानकारी

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Fri, 09 Dec 2022 12:31 PM (IST)

    झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के खाते से फर्जी हस्‍तांतरित एक अरब एक लाख 41 हजार 16 रुपयों (100.01 करोड़) के बारे में को कुछ अहम जानकारियां मिली है और पता लगा है कि इनमें से कुछ राशि का उपयोग किन-किन चीजों में किया गया है।

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    झारखंड मिड डे मील घोटले के बारे में इडी को मिली अहम जानकारी

    राज्य ब्यूरो, रांची। स्टेट बैंक आफ इंडिया की हटिया शाखा स्थित झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण (Jharkhand State Mid Day Meal Authority) के खाते से एक अरब, एक लाख 41 हजार 16 रुपये (100.01 करोड़) के फर्जी हस्तांतरण मामले में गत माह 30 नवंबर को पटना से गिरफ्तार मेसर्स भानु कंस्ट्रक्शन का कर्मी राजू कुमार वर्मा अब भी इडी की रिमांड पर है। उसे इडी ने दो दिसंबर से पांच दिनों की रिमांड पर लिया था। पूछताछ पूरी नहीं होने पर इडी ने कोर्ट से तीन दिन और रिमांड बढ़वाया। यानि कुल आठ दिनों की रिमांड अवधि शुक्रवार को समाप्त होगी, इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।

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    रुपयों का वाहन खरीदने में भी किया गया इस्‍तेमाल

    रिमांड पर राजू ने इडी को कई अहम जानकारियां दी है। दस्तावेजों के आधार पर इडी ने राजू की जब घेराबंदी की, तो उसने 1001.01 करोड़ रुपयों का बंदरबांट कैसे किया, इसकी पूरी जानकारी दे दी है। इडी के अनुसंधान में यह खुलासा हो चुका है कि भानु कंस्ट्रक्शन के खाते से संचालक संजय कुमार तिवारी ने 16 अगस्त, 2017 को अपने कर्मी राजू कुमार वर्मा के खाते में आठ करोड़, 27 लाख 28 हजार 309 रुपये हस्तांतरित किया था। इसके बाद राजू कुमार वर्मा ने उक्त राशि को विभिन्न खातों में हस्तांतरित किया, नकदी निकाले व वाहनों की खरीद में इस्तेमाल किया।

    घोटाले को लेकर हुए कई अहम खुलासे

    इडी को छानबीन में यह भी जानकारी मिली है कि भानु कंस्ट्रक्शन के संचालक संजय कुमार तिवारी की पत्नी गायत्री तिवारी के साथ मिलकर राजू कुमार वर्मा ने कई कंपनियां संचालित की थी। इन कंपनियों में मेसर्स एसआर इमर्जेंसी सर्विसेज, मेसर्स एसआर ग्लोबल एजुकेशन सर्विसेज एलएलपी शामिल है।

    गायत्री तिवारी ने भी पूर्व में इडी के सामने अपने बयान में यह स्वीकार किया था कि सभी कंपनियां संजय कुमार तिवारी व राजू कुमार वर्मा की देखरेख में चलती थी। संजय कुमार तिवारी व राजू कुमार वर्मा एक अन्य कंपनी मेसर्स भानु हाइवे प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक भी हैं।

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