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बीआइटी छात्रा हत्याकांड में बिहार के आरा से गिरफ्तार हुआ आरोपित पीयूष, हत्यारे को फांसी की सजा देने की मांग

रांची में बीआइटी की छात्रा पल्‍लवी की हत्‍या को लेकर लोगों में काफी गुस्‍सा है। लोग कैंडल मार्च निकालकर हत्‍यारोपित पीयूष को फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं राज्य में आये दिन बेटियों के साथ हत्या लुट दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर रोक लगे।

By Jagran NewsEdited By: Arijita SenPublished: Fri, 09 Dec 2022 11:02 AM (IST)Updated: Fri, 09 Dec 2022 11:02 AM (IST)
रांची में बीआइटी की छात्रा पल्‍लवी की हत्‍या को लेकर लोगों में आक्रोश

रांची, जासं। रांची पुलिस ने बीआइटी की छात्रा पल्लवी (BIT Student Pallavi) की हत्या के आरोपित पीयूष (Piyush) को बिहार के आरा से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को आरोपित को लेकर पुलिस रांची पहुंचेगी। यहां पहुंचने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। पुलिस को सूचना थी कि आरोपित घटना के दिन शहर छोड़कर फरार हो गया था। वह भागकर वाराणसी जा पहुंच था।

पुलिस वाराणसी पहुंची तो वह आरा भाग गया। पुलिस की टीम ने आरा से उसके रिश्तेदार के घर से पकड़ लिया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उस तक पहुंची। आरोपित के खिलाफ छात्रा के घरवालों ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद इस बात की जनकारी मिलेगी कि छात्रा की मौत की वजह क्या थी।

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घटना के दिन छात्रा के साथ था पीयूष

घटना के दिन आरोपित पीयूष छात्रा के साथ था। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है। इसके अलावा कई लोगों ने भी पुलिस को बयान दिया है कि दोनों को साथ देखा गया था। पूछताछ में पता चलेगा कि छात्रा कालेज के लिए निकली थी तो टाटीसिल्वे कैसे पहुंच गई।

पल्‍लवी के हत्‍यारे को फांसी की सजा देने की मांग

इधर, पलल्वी कुमारी के हत्यारे को कड़ी सजा दिए जाने की मांग को लेकर जिला स्कूल से अल्बर्ट एक्का चौक (Albert Ekka Chowk) तक विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। मौके पर पलल्वी के पिता विजय राम ने कहा कि पल्लवी की मौत के जिम्मेदार को भी मौत दी जाए और राजधानी सहित पूरे राज्य में आये दिन बेटियों के साथ हत्या, लुट, दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर रोक लगे।

राज्‍य में बेटियों के साथ हो रही दरिंदगी

लोगों ने कहा कि हत्यारे को स्पीडी ट्रायल में जल्द फांसी की सजा दी जाए। उपेंद्र रजक ने कहा कि राज्य में दलित, आदिवासी बेटियां सुरक्षित नही है। राज्य में अभी तक 4 हजार से ज्यादा अदिवासी बेटियों व 22 सौ से ज्यादा दलित बेटियों के साथ इस तरह का घटना घट चुकी है। सरकार व प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई है। मौके पर रंजन कुमार, गायत्री देवी, जफिर आलम, शौकत अंसारी, माता मधुवा देवी आदि उपस्थित थे।

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